धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad News: धनबाद नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भूली बाईपास रोड स्थित आरा मोड़ के पास बने गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध निर्माण घोषित कर दिया है. निगम ने भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया है. यदि निर्धारित समय के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया तो नगर निगम बुल्डोजर चलाकर भवन को ध्वस्त करेगा. ध्वस्तीकरण की पूरी लागत भी भवन स्वामी से वसूली जाएगी. इसके अलावा 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
भवन वाद की सुनवाई के बाद जारी हुआ आदेश
नगर निगम की ओर से यह कार्रवाई भवन वाद संख्या-02/2026 की सुनवाई पूरी होने के बाद की गई है. जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गोल्डेन वेडिंग पैलेस का निर्माण बिना स्वीकृत भवन नक्शे के किया गया था. साथ ही भवन निर्माण के दौरान अनिवार्य सेटबैक और पार्किंग जैसी जरूरी शर्तों का भी पालन नहीं किया गया. नगर निगम के अनुसार वर्तमान में इस भवन का उपयोग मैरेज हॉल के रूप में किया जा रहा था, जबकि इसके लिए आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां उपलब्ध नहीं थीं.
भवन मालिक नहीं दिखा सके स्वीकृति के दस्तावेज
नगर निगम ने बताया कि सुनवाई के दौरान भवन स्वामी को कई बार अपना पक्ष रखने और निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया. इसके बावजूद वह भवन निर्माण की वैध स्वीकृति से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके. सुनवाई के दौरान भवन मालिक ने यह भी स्वीकार किया कि निर्माण से पहले भवन का नक्शा सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत नहीं कराया गया था. इसी आधार पर निगम ने निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया.
नगर आयुक्त ने दी नियमों का पालन करने की सलाह
नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई. जांच में भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से सामने आया. उन्होंने कहा कि किसी भी भवन का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य है. यदि किसी पक्ष को निगम के आदेश पर आपत्ति है तो वह सक्षम न्यायालय या उच्च प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है.
गोल्डन का प्रिंस खान से संबंध
सूत्रों के अनुसार, गोल्डेन वेडिंग पैलेस का मालिक स्क्रैप कारोबारी गोल्डन बताया जाता है. यह भी दावा किया जा रहा है कि उसका संबंध वासेपुर निवासी फरार अपराधी प्रिंस खान से रहा है. हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बताया जा रहा है कि पुलिस पहले से प्रिंस खान के कथित नेटवर्क और उसके आर्थिक स्रोतों की जांच कर रही है. इसी दौरान इस भवन से संबंधित शिकायत नगर निगम तक पहुंची थी.
इसे भी पढ़ें: झारखंड में भूमि सर्वे में देरी पर हाइकोर्ट सख्त, राजस्व सचिव को 15 जुलाई तक नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश
पांच महीने की सुनवाई के बाद फैसला
नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में करीब पांच महीने तक सुनवाई चली. सभी पक्षों को सुनने और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद निगम ने गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया. अब यदि भवन स्वामी 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो नगर निगम अपने स्तर से बुल्डोजर चलाकर कार्रवाई करेगा. साथ ही ध्वस्तीकरण में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित भवन स्वामी से वसूला जाएगा.
इसे भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट ने 475 दिन की देरी से दायर सरकार की अपील की खारिज, विभाग की सुस्ती पर जताई सख्त नाराजगी
