धनबाद जिले की खुदरा शराब दुकानों व जेएसबीसीएल के डिपो में भारी मात्रा में शराब का स्टॉक लंबे समय से पड़ा रहने, उसका रख-रखाव नहीं होने, बिक्री योग्य व बिक्री अयोग्य स्टॉक का वर्गीकरण नहीं होने तथा रिपैकिंग कर वापस नहीं कराने की बात सामने आयी है. इसे लेकर उत्पाद आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने उच्च स्तरीय जांच दल गठित की है. कमेटी के अध्यक्ष अपर समाहर्ता, धनबाद को बनाया गया है. वहीं निरीक्षक उत्पाद, सदर प्रक्षेत्र, निरीक्षक उत्पाद झरिया/कतरास प्रक्षेत्र और डिपो प्रबंधक, जेएसबीसीएल धनबाद को सदस्य बनाया गया है. टीम को धनबाद जिले में संचालित खुदरा उत्पाद दुकानों में पड़े व डिपो में वापस किये गये स्टॉक का सत्यापन कर जांच प्रतिवेदन मंतव्य समेत शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
मुख्यालय की रिपोर्ट में उजागर हुई लापरवाही
आयुक्त उत्पाद सह प्रबंध निदेशक झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) रांची की टीम ने दिसंबर 2025 में जिला उत्पाद कार्यालय, जेएसबीसीएल गोदाम समेत कुछ दुकानों का निरीक्षण कराया था. निरीक्षण प्रतिवेदन में स्टॉक के रख-रखाव व निस्तारण में गंभीर लापरवाही का उल्लेख है. इसमें पाया गया था कि दुकानों में 33,163 पेटी व 28,544 बोतल और डिपो में वापस हुए 23,535 पेटी व 20,023 बोतल शराब का स्टॉक है. वहीं डिपो में स्टॉक जीर्ण-शीर्ण अवस्था में रखा गया है और बिक्री योग्य, नहीं बिक्री योग्य तथा विनष्टीकरण योग्य स्कंधों का वर्गीकरण व रिपैकिंग कर वापस कराने का प्रयास नहीं किया गया.