[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News: धनबाद समेत पांच जिलों में स्थापित होंगे इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब

Dhanbad News: धनबाद समेत पांच जिलों में स्थापित होंगे इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब

0
Dhanbad News: धनबाद समेत पांच जिलों में स्थापित होंगे इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब

झारखंड राज्य के कृषि क्षेत्र को नयी गति देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है. नयी दिल्ली स्थित कृषि भवन में बीते दिनों आयोजित प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (पीएसी) की बैठक में झारखंड की ओर से प्रस्तुत कृषि विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गयी. इसके तहत विभिन्न परियोजनाओं की कुल लागत कई वर्षों में 200 करोड़ रुपये से अधिक होगी. पहले वर्ष के लिए कुल 45.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है. इन योजनाओं से राज्य में कृषि अनुसंधान, मृदा जांच, बीज उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात को नयी मजबूती मिलेगी.

मिट्टी जांच और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए बनेगा मजबूत नेटवर्क

राज्य के 10 जिलों में आधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेंगी. इस तीन वर्षीय परियोजना की कुल लागत 13.05 करोड़ रुपये तय की गयी है. पहले वर्ष में 4.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा चार जिलों में क्षेत्रीय स्तर की एकीकृत प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेंगी, जिनमें मृदा, बीज, उर्वरक और कीटनाशक परीक्षण की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी. इसपर कुल 49.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे. राज्य स्तर पर एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड लेबोरेटरी भी स्थापित होगी, जहां मृदा, बीज गुणवत्ता, उर्वरक और कीटनाशक परीक्षण की समेकित व्यवस्था होगी. इस परियोजना की कुल लागत 19.65 करोड़ रुपये है.

धनबाद समेत पांच जिलों में बनेंगे एग्रो प्रोसेसिंग हब

कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए चतरा, धनबाद, गोड्डा, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब स्थापित किये जायेंगे. इस परियोजना पर कुल 32.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

बीज उत्पादन और संरक्षण पर विशेष फोकस

आदिम जनजातीय समूह क्षेत्रों में पारंपरिक बीजों के संरक्षण व उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नौ सीड बैंक स्थापित किये जायेंगे. इस परियोजना की कुल लागत 5.04 करोड़ रुपये है. इसके अलावा 49.65 करोड़ रुपये की लागत से राज्य में पांच आधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किये जायेंगे. इनमें बीज भंडारण, परीक्षण, प्रमाणन और प्रसंस्करण की आधुनिक सुविधाएं होंगी. वहीं 10 राज्य बीज फार्मों को सुदृढ़ करने के लिए 22.29 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गयी है.

निर्यात व किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

संताल परगना क्षेत्र में पौध सामग्री और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के उत्पादन के लिए लगभग 1.98 करोड़ रुपये की लागत से टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित की जायेगी. इसके माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और बीज उपलब्ध कराये जाएंगे. इसके अलावा राज्य में इंटीग्रेटेड एग्री एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन एंड टेस्टिंग हब भी स्थापित किया जायेगा. इस परियोजना पर 23.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे राज्य के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता जांच, प्रमाणन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी.

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा

इन परियोजनाओं का सीधा लाभ राज्य के लाखों किसानों, कृषक उत्पादक समूहों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि उद्यमियों और कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा. एग्रो प्रोसेसिंग हब बनने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा. कृषि निर्यात सुविधा केंद्र से झारखंड के उत्पाद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel