[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड धनबाद गंदगी में रहने को मजबूर, खाना भी नहीं मिल रहा

गंदगी में रहने को मजबूर, खाना भी नहीं मिल रहा

0
गंदगी में रहने को मजबूर, खाना भी नहीं मिल रहा

धनबाद : कोविड-19 अस्पताल में सेवा दे रहे छह चिकित्सकों को कोयला नगर स्थित एक आवास में कोरेंटिन सेंटर में रहने की व्यवस्था की गयी है, लेकिन यहां उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बुधवार को चिकित्सकों ने बताया कि खाना तक नहीं मिल रहा है. बिजली व सफाई की भी व्यवस्था सही नहीं है. बताया कि मामले की शिकायत जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला के आला अधिकारियों से भी की गयी है, लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं हुआ. अपराह्न दो बजे से रात 10 बजे तक उन्हें कोविड-19 अस्पताल में कोरोना संक्रमित के साथ रहना पड़ता है.

चारों तरफ फैली है गंदगी : चिकित्सकों ने बताया कि कोरेंटिन सेंटर में सफाई की व्यवस्था सही नहीं है. चारों तरफ गंदगी फैली है. वहीं आवास में कुत्ते घुस आते है. दूसरे लोग भी यहां का शौचालय का उपयोग करते है.

खाने में मिला समोसा : बताया कि अस्पताल जाने से पहले अपराह्न खाना में उन्हें छह पीस समाेसा दिया गया. इसे खाकर ही रहना पड़ रहा है. कई साथी को समोसा भी नसीब नहीं हुई. उनका कहना है कि इस व्यवस्था में वे कोविड-19 अस्पताल में कैसे काम कर पाएंगे.

21 दिन रहना है : दो दिन से करीब छह चिकित्सक रह रहे है. उन्हें सात दिनों तक कोविड-19 अस्पताल में तक ड्यूटी करने के बाद 14 दिनों तक कोरेंटिन रहना होगा. बताया कि इस व्यवस्था में उनका रहना मुश्किल है. संबंधित अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कोरेंटिन होने के कारण यहां से बाहर नहीं निकल पा रहे है.

बिजली कटते ही छा जाता है अंधेरा : जिस आवास में उन्हें कोरेंटिन किया गया है. वहां बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. बिजली कटते ही अंधेरा छा जाता है. मच्छर अलग से परेशान करते है. जनरेटर या फिर इंवर्टर की व्यवस्था होनी चाहिए. मामले में स्वास्थ्य विभाग का पक्ष लेने के लिए सिविल सर्जन के एक नंबर पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.

Post by : Pritish Sahay

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel