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Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News: पर्यावरण संरक्षण जीवन की प्राथमिक जिम्मेदारी : जमुना टुडू

Dhanbad News: पर्यावरण संरक्षण जीवन की प्राथमिक जिम्मेदारी : जमुना टुडू

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Dhanbad News: पर्यावरण संरक्षण जीवन की प्राथमिक जिम्मेदारी : जमुना टुडू

Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम धनबाद के शताब्दी स्थापना सप्ताह समारोह में चौथे दिन शनिवार को ज्ञान, नवाचार, नारी शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का अनोखा संगम देखने को मिला. पहले दो टेक्निकल कार्यशाला इंडियन नॉलेज सिस्टम और नारी शक्ति वर्कशॉप हुई. संस्थान में शैक्षणिक विमर्श, नवाचार, जेंडर इक्विटी जैसे कार्यक्रम आयोजित हुए. नारी शक्ति कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्मश्री जामुना टुडू ने किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जीवन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हर शुभ कार्य की शुरुआत एक पेड़ लगाने के संकल्प से होनी चाहिए. उन्होंने छात्रों को संघर्ष और मेहनत के महत्व से अवगत कराया. विशिष्ट अतिथि प्रो कौशल वर्मा ने कहा कि किसी संस्था के 100 वर्ष आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का विशेष अवसर होते हैं. टाटा स्टील झरिया डिवीजन की हेड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन श्वेता मिश्रा ने कंपनी की जेंडर इनक्लूजन पहलों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील ने जेंडर-न्यूट्रल मेडिकल कवरेज, जेंडर री-असाइनमेंट सर्जरी के लिए सहायता, एलजीटीक्यू प्लस कर्मचारियों के लिए पेरेंटल बेनिफिट्स और ट्रांसजेंडर कर्मियों को भारी मशीनरी संचालन की जिम्मेदारी सौंपने जैसे प्रगतिशील कदम उठाये हैं.

महिला और पुरुष एक-दूसरे के पूरक

निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने कहा कि समाज का संतुलित विकास, तभी संभव है, जब समावेशिता को प्राथमिकता दी जाये. उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला एक-दूसरे के पूरक हैं और भारतीय संस्कृति ने सदैव इसे सम्मान दिया है. कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो केका ओझा के स्वागत भाषण से हुई. धन्यवाद ज्ञापन प्रो एसपी तिवारी ने किया.

इंडियन नॉलेज सिस्टम का उद्घाटन : इस दौरन इंडियन नॉलेज सिस्टम का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि यूपी के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि सेंटर को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना जरूरी है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग भारतीय ज्ञान परंपराओं तक पहुंच सके. निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने बताया कि यह सेंटर पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक अकादमिक दुनिया के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने एचएसएस विभाग के इस योगदान की सराहना की.

सांस्कृतिक संध्या में राजस्थानी लोक-संगीत की गूंज

शाम में भूंगर खान मंगनियार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय लोक कलाकारों की टीम ने राजस्थानी लोक-संगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी. सुरों और ताल की संगति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुति को तालियों से सराहा.

मैथमेटिक्स कोलोक्वियम : थ्री-बॉडी प्रॉब्लम पर व्याख्यान

आइआइटी आइएसएम के मैथमैटिक्स एंड कंप्यूटिंग विभाग द्वारा मैथमेटिक्स कोलोक्वियम का आयोजन किया गया. इसमें छात्रों, रिसर्च स्कॉलर्स और फैकल्टी की भागीदारी रही. एसएसएलएनटी कॉलेज की स्नातक छात्राएं भी शामिल हुईं. मुख्य आकर्षण प्रो कौशल वर्मा का विशेष व्याख्यान था. उन्होंने ‘थ्री-बॉडी प्रॉब्लम के कुछ पहलू’ विषय पर व्याख्यान दिया. व्याख्यान के बाद प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों और शोधार्थियों ने जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे.

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