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Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News : मुझको ना रोकिए, ना नजराना दीजिए, मेरा सफर अलग है मुझे जाने दीजिए

Dhanbad News : मुझको ना रोकिए, ना नजराना दीजिए, मेरा सफर अलग है मुझे जाने दीजिए

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Dhanbad News : मुझको ना रोकिए, ना नजराना दीजिए, मेरा सफर अलग है मुझे जाने दीजिए

इंडिगो क्लब ने ‘एक शाम ओम प्रकाश के नाम’ कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन राजेंद्र मैदान नया बाजार में किया. कार्यक्रम का उद्घाटन निरसा विधायक अरूप चटर्जी व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर शहबाज नदीम ने किया. मौके पर शाहबाज नदीम को क्लब के महासचिव एसए रहमान ने सम्मानित किया. इस दौरान एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया. बतौर विशिष्ट अतिथि शाहिदा कमर मौजूद थीं. सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पूजा को भी सम्मानित किया गया.

शायरी से खुशनुमा हुआ माहौल :

आयोजन में देश भर से आये रचनाकारों ने अपनी गजल सुनायी. मंच संचालन असर फरीदी ने किया. कार्यक्रम में युवा दिलों की धड़कन लखनऊ के स्वयं श्रीवास्तव ने ‘एक शख्स क्या गया, कि पूरा काफिला गया/ तूफ़ा था तेज, पेड़ को जड़ से हिला गया, जब सल्तनत से दिल की ही रानी चली गय/फिर क्या मलाल तख्त गया या किला गया’, ‘मुझको ना रोकिए, ना नजराना दीजिए, मेरा सफर अलग है मुझे जाने दीजिए…’, ‘फिर सोचा यार छोड़ो चल पड़े तो चल पड़े’ आदि गजलें सुनायीं. इनकी हर प्रस्तुति के बाद वन्स मोर-वन्स मोर के शोर से हॉल भर गया. स्वयं की गज़लों पर पंडाल में लोगों ने खूब तालियां बजाई. नयी दिल्ली के शायर अमृतांशु शर्मा ने ‘कुछ देर तक वो मुझको निहारता चला गया, कल सुबह मेरी आंख का तारा चला गया….., बुझ गया वक्त से पहले वो दिया वो मैं हूं… आदि गजल सुनाई. राजस्थान के रमेश शर्मा ने मां, बटी व पत्नी पर कविता सुनाई. पटना के वारिस इस्लामपुरी ने देश भक्ति व मोहब्बत से जुड़ी कविता व शायरी सुनाई. शायर असर फरीदी, रौनक शहरी, शाहिद करीम ने भी अपनी शायरी व गज़लों से महफ़िल सजा दी.

इनकी थी मौजूदगी :

कार्यक्रम में शांतनु चंद्रा, शब्बीर आलम, डॉ मासूम आलम, अतिकुर रहमान सहित कई अतिथि मौजूद थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में अफजल खान, शकील और तबरेज खान का योगदान रहा.

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