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Home झारखण्ड धनबाद प्रिंस खान के गुर्गों पर मंडरा रहा काल, आठ दिन के अंदर धनबाद पुलिस के दूसरे एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ

प्रिंस खान के गुर्गों पर मंडरा रहा काल, आठ दिन के अंदर धनबाद पुलिस के दूसरे एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ

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प्रिंस खान के गुर्गों पर मंडरा रहा काल, आठ दिन के अंदर धनबाद पुलिस के दूसरे एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ
प्रिंस खान के गुर्गों के साथ मुठभेड़ के बाद मौके पर धनबाद पुलिस के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

Dhanbad News: झारखंड के धनबाद के अपराधी आजकल खौफ में जीवन जी रहे हैं. इसका कारण यह है कि पुलिस की ओर से पिछले आठ दिनों के अंदर सोमवार की सुबह लगातार दूसरी बार एनकाउंटर किया गया है. पुलिस की इस कारर्वाई से अपराधियों में दहशत है. आठ दिन के अंदर प्रिंस खान गिरोह के साथ पुलिस का दूसरा एनकाउंटर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है. ताजा घटना 16 मार्च को भागाबांध ओपी क्षेत्र के केंदुआडीह बस्ती के पास घटी. यहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगी, जबकि एक अपराधी भागने के दौरान घायल हो गया.

पुलिस मुठभेड़ में प्रिंस खान के तीन गुर्गे घायल

सोमवार के तड़के पुलिस की मुठभेड़ में प्रिंस खान के तीन गुर्गे घायल हो गए हैं. इनमें पलामू के अपराधी अमन सिंह उर्फ कुबेर और धनबाद के विक्की डोम को गोली लगी. दोनों को घायल अवस्था में पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया. वहीं, भागने के दौरान गिरने से वासेपुर के अफजल का पैर टूट गया. पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया. तीनों का घनबाद के एसएनएमएमसीएच में इलाज कराया जा रहा है.

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आठ मार्च को भी हुई थी पुलिस की मुठभेड़

इससे पहले आठ मार्च को भुईफोड़ मंदिर के निकट फायरिंग रेंज के पास पुलिस के साथ प्रिंस खान के गुर्गों की मुठभेड़ हुई थी. इसमें प्रिंस खान के गुर्गे सुदीश कुमार ओझा के पैर में गोली लगी थी. उस मामले में दिलीप सिंह को भी बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से धनबाद में सक्रिय अपराधी गिरोहों में दहशत है. पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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