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Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News: जिले के अस्पतालों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था कमजोर

Dhanbad News: जिले के अस्पतालों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था कमजोर

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Dhanbad News: जिले के अस्पतालों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था कमजोर

धनबाद, जिले के अस्पतालों व आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई गंभीर खामियां सामने आईं हैं. समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक बिजली व्यवस्था कई संस्थानों में कमजोर है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसके बाद उपायुक्त ने जिला स्तर पर व्यापक ‘पावर ऑडिट अभियान’ शुरू करने का निर्देश दिया है. सदर अस्पताल में बिजली बाधित होने पर दो जेनरेटर और बैटरी इन्वर्टर उपलब्ध हैं, लेकिन इन्वर्टर केवल आधे घंटे तक ही बैकअप दे पाता है. अस्पताल की वायरिंग भी काफी पुरानी है. इसे देखते हुए उपायुक्त ने विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकर अस्पताल का विस्तृत विद्युत ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. ऑडिट में वायरिंग, ट्रांसफार्मर, पैनल, अर्थिंग, बैकअप व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जांच होगी. इसके अलावा पेयजल, सफाई और अग्निशमन व्यवस्था का भी अलग से ऑडिट कराया जाएगा.

एसएनएमएमसीएच में बंद है 200 केवीए सोलर प्लांट

बैठक में यह भी सामने आया कि एसएनएमएमसीएच परिसर में लगा 200 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट वर्तमान में बंद है. अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी व अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों के लिए जेनरेटर व्यवस्था तो है, लेकिन कई हिस्सों में पुरानी वायरिंग के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं हो चुकी हैं. कैंपस-2 के लिए अलग विद्युत अवसंरचना की आवश्यकता भी बतायी गयी. उपायुक्त ने अस्पताल परिसर का तीन दिनों के भीतर विद्युत, पेयजल, सफाई और अग्निशमन ऑडिट कराने का आदेश दिया है.

42 स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं है बैकअप व्यवस्था

समीक्षा में पाया गया कि जिले के 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बैटरी, इन्वर्टर या सोलर बैकअप की व्यवस्था नहीं है. इनमें बिराजपुर, तिलैया, असना, दलदली, जंगलपुर, कुसबेरिया, महुलबनी, कांड्रा, मधुबन और कई अन्य स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं. टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रांसफार्मर चोरी होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित है, जबकि निरसा स्वास्थ्य केंद्र में नये ट्रांसफाॅर्मर की जरूरत है. सभी संबंधित विद्युत प्रमंडलों को स्थलीय निरीक्षण कर डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

332 आंगनबाड़ी केंद्र अब भी बिजली से वंचित

बैठक में सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि जिले के 332 भवनयुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं है. इनमें से 236 केंद्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है, जबकि 173 मामलों में भुगतान भी किया जा चुका है. बावजूद इसके कनेक्शन नहीं मिल सका है. सबसे अधिक प्रभावित बाघमारा (71 केंद्र), निरसा (148 केंद्र) और गोविंदपुर (47 केंद्र) परियोजनाएं हैं. उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण विभाग और विद्युत विभाग को संयुक्त बैठक कर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

एक सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश

उपायुक्त ने सभी गठित ऑडिट टीमों को निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट सौंपने तथा संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही जहां बड़े स्तर पर कार्य की आवश्यकता होगी, वहां विस्तृत योजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर सरकार को भेजने का आदेश दिया गया है. जिला प्रशासन का लक्ष्य अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 24×7 सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े.

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