शहर में रसोई गैस की आपूर्ति अब भी पटरी पर नहीं लौट सकी है. गैस एजेंसियों के काउंटरों पर रोज भारी भीड़ उमड़ रही है. लंबी कतारों के बीच आपाधापी की स्थिति बनी रहती है. स्थिति संभालने के लिए पुलिस की गश्ती दल को मॉनिटरिंग करनी पड़ रही है.
गैस सिलिंडर की आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम
इधर गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कंपनियों से गैस सिलिंडर की आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम हो रही है. ऐसे में बैकलॉग तेजी से बढ़ता जा रहा है. उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने के बाद भी 10 से 15 दिन तक सिलिंडर का इंतजार करना पड़ रहा है. सीमित आपूर्ति के चलते तुरंत डिलीवरी संभव नहीं हो पा रही है. वहीं उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन के बाद ही बुकिंग व डिलीवरी का प्रावधान लागू कर दिया गया है. इससे जिले के करीब दो लाख उज्ज्वला उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गयी है.