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Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News : पेमेंट फंसने के डर से निविदा के बाद एग्रीमेंट करने से परहेज कर रहे संवेदक

Dhanbad News : पेमेंट फंसने के डर से निविदा के बाद एग्रीमेंट करने से परहेज कर रहे संवेदक

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Dhanbad News : पेमेंट फंसने के डर से निविदा के बाद एग्रीमेंट करने से परहेज कर रहे संवेदक

नगर निगम के एनआइटी 6,7 व 9 के टेंडर पर सवाल उठ रहे हैं. चुनाव आचार संहिता के पहले टेंडर निकाला गया, जो संवेदक एलवन-1 हुए हैं उसके साथ एग्रीमेंट करने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है. लेकिन संवेदक एग्रीमेंट करने से परहेज कर रहे हैं. संवेदकों की मानें, तो नगर निगम की निविदा समिति में पांच सदस्य हैं. नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता ने निविदा पर हस्ताक्षर कर दिया है, लेकिन लेखापाल ने निविदा पर हस्ताक्षर नहीं किया. इसके बावजूद टेंडर निकाल दिया गया. संवेदकों की माने, तो अगर एग्रीमेंट करते हैं, तो योजना का काम पूरा करने के बाद पेमेंट लेने में काफी परेशानी होगी. चुकीं निविदा समिति में लेखापाल ने हस्ताक्षर नहीं किया है, जो बिल होगा, उसे लेखापाल के स्तर से पास होगा. ऐसे में पेमेंट फंस सकता है. इसलिए एग्रीमेंट करने से संवेदक पीछे हट रहे हैं. इधर नगर निगम में चर्चा आम है कि लेखापाल द्वारा बिल पेमेंट में विलंब को लेकर नगर आयुक्त ने विभाग में शिकायत की थी. इसको लेकर लेखापाल किसी भी निविदा में हस्ताक्षर नहीं कर रहीं हैं.

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डीवीसी कर्मियों के इलाज के लिए असर्फी अस्पताल से हुआ करार

दमोदर घाटी निगम (डीवीसी) के कर्मी अब असर्फी अस्पताल में अपना इलाज करा सकते हैं. इसके लिए असर्फी हॉस्पिटल व डीवीसी प्रबंधन ने मंगलवार को दो प्रमुख एमओयू पर हस्ताक्षर किया. एक जनवरी, 2025 से डीवीसी के कर्मचारियों, उनके आश्रित और पेंशनभोगी असर्फी अस्पताल में स्वास्थ्य से संबंधित लाभ ले सकते हैं. कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जायेगी. इसके अलावा असर्फी अस्पताल और डीवीसी ने एक तीसरे एमओयू पर भी बातचीत शुरू की है. यह वार्षिक स्वास्थ्य जांच से संबंधित है. अस्पताल के सीइओ हरेंद्र सिंह ने कहा कि डीवीसी के साथ हुआ एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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