इंद्रियों को वश में करने का माध्यम है अध्यात्म : गौरी दीक्षित
तोपचांची.
तोपचांची के ब्राह्मणडीहा गांव में भयहरण सेवा समिति द्वारा आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद्भगवत कथा के तीसरे दिन प्रवचन में बाल विदुषी कार्ष्णि गौरी दीक्षित ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है वहां उन्नति होती है. नारी के अपमान की दशा क्या होती है यह महाभारत में वर्णित है. उन्होंने कहा कि नारी के अंदर ही वह गुण है, जो पराया होने के बाद भी सभी को अपना बना लेती है. कथा वाचिका ने भ्रूण हत्या, दहेज हत्या नहीं हो इसका संकल्प दिलाया. उन्होंने सांसारिक जीवन में हम अपने इंद्रियों के वश में हो गए हैं, जो पतन की ओर ले जाता है. इंद्रियों को वश में करने का एक मात्र माध्यम अध्यात्म है. प्रभु को अपने इंद्रियों की बुराई से अवगत कराना कोई बुराई, चुगली की श्रेणी में नहीं आता. कथा के बाद आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया. प्रवचन सुनने ब्राह्मणडीहा, लोकबाद, ढांगी, नेरो, सिंहदाहा से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे.