[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड धनबाद बीसीसीएल की 9.81एकड़ भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी, बेलाखोंडा बनेगा हरा-भरा वन क्षेत्र

बीसीसीएल की 9.81एकड़ भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी, बेलाखोंडा बनेगा हरा-भरा वन क्षेत्र

0
बीसीसीएल की 9.81एकड़ भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी, बेलाखोंडा बनेगा हरा-भरा वन क्षेत्र
वन क्षेत्र बनाने की पहल करते हुए सांकेतिक तस्वीर (AI Image)

बाघमारा से रंजीत सिंह की रिपोर्ट 

Dhanbad News: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने अपनी बंद पड़ी जमीन को वन क्षेत्र में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. महुदा क्षेत्र के बेलाखोंडा में स्थित करीब 9.81 एकड़ भूमि अब धनबाद वन प्रमंडल को सौंपी जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे और इसे विकसित कर घना जंगल बनाया जाएगा. 

जमीन को वन विभाग को देने की प्रक्रिया शुरू

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड अपनी महुदा क्षेत्र के तेतुलिया-2 पंचायत अंतर्गत बेलाखोंडा में स्थित लगभग 9.81 एकड़ भूमि धनबाद वन प्रमंडल को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भूमि को वन विभाग बृक्षारोपण कर पूर्ण रूप से वन क्षेत्र में विकसित करेगा. दोनों पक्षों के बीच हुई सहमति के बाद जमीन स्थानांतरण की औपचारिक कबायत भी प्रारंभ हो गई है. 

पहले कोयला खनन के लिए चिन्हित थी जमीन

महुदा क्षेत्र के बेलाखोंडा में यह जमीन पहले कोयला उत्खनन के लिए चिन्हित थी, लेकिन बीसीसीएल द्वारा यहां कोयला खनन कार्य कई वर्षों से बंद पड़ा है. एक वर्ष पहले इस इलाके में अवैध कोयला उत्खनन का सिलसिला तेज हो गया था, जिस पर स्थानीय लोगों और प्रशासन का ध्यान गया. जमशेदपुर पश्चिमी विधायक सरजू राय ने इलाके का दौरा कर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया था. इसके बाद बेलाखोंडा में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई गई. हालांकि, दामोदर नदी के किनारे स्थित वन भूमि में अभी भी कुछ अवैध गतिविधियां चल रही हैं, जिस पर नजर रखी जा रही है.

अब यहां लगाए जाएंगे पेड़, बनेगा घना जंगल

वन विभाग अब इस बंद पड़ी भूमि को हरा-भरा बनाने की योजना बना रहा है. वृक्षारोपण के माध्यम से यहां घने वन का विकास किया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. धनबाद वन प्रमंडल के अधिकारी इस परियोजना को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रहे हैं. 

जमीन का आदान-प्रदान समझौते का हिस्सा

यह स्थानांतरण एक आदान-प्रदान का हिस्सा है. पहले धनबाद वन प्रमंडल ने बीसीसीएल को न्यू मधुवन वासरी के निर्माण, डैमचलकरो, भीमकनाली और बकसपुरा आदि स्थानों पर अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी. उसी के बदले में बीसीसीएल अब अपनी बेलाखोंडा वाली भूमि वन विभाग को सौंप रही है. इस प्रकार दोनों संस्थाओं के बीच पर्यावरणीय और विकासात्मक कार्यों को लेकर सकारात्मक सहयोग जारी है. 

पर्यावरण के लिए क्यों है यह कदम अहम

कोयला खनन क्षेत्रों में बंद पड़ी भूमियों का वन रूपांतरण एक स्वागत योग्य कदम है. इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण कम होगा, बल्कि स्थानीय जलवायु भी सुधरेगी. बेलाखोंडा क्षेत्र दामोदर नदी के सामने होने के कारण वन विकास यहां मिट्टी के कटाव को रोकने और जल संरक्षण में भी मदद करेगा. बीसीसीएल लगातार अपने खनन क्षेत्रों में कॉम्पेंसेटरी अफॉरेस्टेशन (प्रतिपूरक वनीकरण) पर जोर दे रही है. इससे पहले भी कंपनी ने कई जगहों पर वृक्षारोपण परियोजनाएं चलाई हैं. इस नई पहल से धनबाद जिले के वन क्षेत्रफल में वृद्धि होने की उम्मीद है. 

इसे भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

इसे भी पढ़ें: बदहाल जिंदगी जी रहे शहीद बख्तर साय के वंशज, गढ़पहाड़ को टूरिस्ट प्लेस विकसित करने की मांग

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel