Dhanbad News: बीबीएमकेयू के छह कॉलेजों में शुरू होंगे इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स

सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित होंगे नए कोर्स, एनसीटीई मान्यता के बाद शुरू होगा नामांकन

By ASHOK KUMAR | June 13, 2026 1:38 AM

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के छात्रों के लिए शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में नये अवसर खुलने जा रहे हैं. राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के छह अंगीभूत कॉलेजों में इंटीग्रेटेड बीएड तथा दो कॉलेजों में बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के अनुरूप इन कोर्सों का संचालन सेल्फ फाइनेंस मोड में किया जायेगा. विश्वविद्यालय की योजना के अनुसार पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज, धनबाद में 100 सीटों के साथ बीएससी-बीएड कोर्स शुरू होगा. वहीं आरएसपी कॉलेज, झरिया में 100 सीटों वाला बीकॉम-बीएड कोर्स तथा एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, धनबाद में 50 सीटों के साथ बीए-बीएड कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है.

आरएस मोर, बीएस सिटी और चास कॉलेज को भी मौका

आरएस मोर कॉलेज, गोविंदपुर में 50-50 सीटों के साथ बीए-बीएड और बीपीएड कोर्स शुरू किये जायेंगे. बीएस सिटी कॉलेज, बोकारो में 50-50 सीटों के साथ बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड की पढ़ाई होगी. चास कॉलेज, चास में 100 सीटों वाला बीए-बीएड तथा 50 सीटों वाला बीपीएड कोर्स संचालित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है.

एनसीटीई की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा नामांकन

इन इंटीग्रेटेड शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण व प्रशिक्षित शिक्षकों की नयी पीढ़ी तैयार करना है. हालांकि पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज को छोड़ अन्य सभी कॉलेजों को कोर्स शुरू करने के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त करनी होगी. पीके रॉय कॉलेज को केवल फायर एनओसी प्राप्त करनी है. आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही नामांकन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.

नामांकन शुरू होने में एक से तीन वर्ष तक लग सकता है समय

विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार एनसीटीई से संबद्धता और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में एक से तीन वर्ष तक का समय लग सकता है. इसलिए सभी कॉलेजों में एक साथ नामांकन शुरू होने की संभावना कम है.

पहली बार शुरू होगा बीपीएड कोर्स

वर्तमान में बीबीएमकेयू के अधीन एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, आरएसपी कॉलेज और बीएस सिटी कॉलेज, बोकारो में केवल दो वर्षीय बीएड कोर्स संचालित होता है. नयी व्यवस्था लागू होने पर विश्वविद्यालय में पहली बार बीपीएड कोर्स की पढ़ाई भी शुरू होगी.