Dhanbad News : अरिंदम चक्रवर्ती, निरसा. कोयलांचल और संथाल परगना को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी बारबेंदिया पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन एप्रोच रोड के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने से इसके इस वर्ष चालू होने पर संशय गहरा गया है. करीब 241 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल को अक्तूबर-नवंबर तक स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा गया था, परंतु भूमि अधिग्रहण में देरी बड़ी बाधा बनती दिख रही है. पुल का निर्माण राजवीर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है. निर्माण एजेंसी का कहना है कि यदि एप्रोच रोड के लिए जमीन समय पर मिल जाती है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर पुल को हैंडओवर कर दिया जायेगा. अन्यथा पुल का मुख्य ढांचा तैयार होने के बावजूद इसका लाभ लोगों को नहीं मिल सकेगा. निर्माण कार्य की बात करें तो कुल 45 स्लैब (43 पिलर और दो एबटमेंट) में से 37 पिलर और दोनों एबटमेंट का निर्माण पूरा हो चुका है. शेष आठ पिलरों का कार्य तेजी से जारी है. क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा पुल के निर्माण से धनबाद, निरसा और बोकारो का सीधा संपर्क संथाल परगना के जामताड़ा, देवघर, दुमका, गोड्डा और पाकुड़ जिलों से हो जाएगा। वर्तमान में निरसा से जामताड़ा पहुंचने के लिए 55 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि पुल चालू होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 20 किलोमीटर रह जायेगी. निर्माण एजेंसी ने जिला प्रशासन से जल्द भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. एप्रोच रोड के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी पत्र जिला भू-अर्जन विभाग को भेजा जा चुका है तथा मुआवजा राशि भी उपलब्ध करा दी गयी है. क्या है स्थिति • कुल लागत : 241 करोड़ रुपये • 37 पिलर और दो एबटमेंट तैयार • आठ पिलरों का निर्माण जारी एप्रोच रोड के लिए चाहिए जमीन • दोनों ओर करीब 1.5 किमी सड़क बननी है • बारबेंदिया और वीरगांव-श्यामपुर मौजा में अधिग्रहण प्रस्तावित • मुआवजा राशि जिला भू-अर्जन विभाग को उपलब्ध क्या बोले भू-अर्जन पदाधिकारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राम नारायण खालको ने बताया कि एप्रोच रोड के लिए पहल शुरू की जायेगी. प्रभावित रैयतों को धारा-11 के तहत नोटिस जारी कर प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जायेगा. उसके बाद समस्या का समाधान हो जायेगा.