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Home झारखण्ड धनबाद 18766 ट्रेड लाइसेंस एक्सपायर्ड, नवीकरण में पेच, नगर निगम में कॉमर्शियल होल्डिंग के कारण फंस रहा मामला

18766 ट्रेड लाइसेंस एक्सपायर्ड, नवीकरण में पेच, नगर निगम में कॉमर्शियल होल्डिंग के कारण फंस रहा मामला

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18766 ट्रेड लाइसेंस एक्सपायर्ड, नवीकरण में पेच, नगर निगम में कॉमर्शियल होल्डिंग के कारण फंस रहा मामला

शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करना है, तो ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है. शहरी क्षेत्र के 23815 कारोबारियों ने 2018 में ट्रेड लाइसेंस कराया. किसी ने दो साल, तो किसी ने पांच साल के लिए ट्रेड लाइसेंस लिया. जब लाइसेंस के नवीकरण की बात आयी, तो कॉमर्शियल होल्डिंग के कारण मामला फंसने लगा. 18766 कारोबारियों का ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण नहीं हुआ. नगर निगम की ओर से कारोबारियों पर दबाव बनाया गया, लेकिन मकान मालिक द्वारा रेंट एग्रीमेंट की कॉपी नहीं देने के कारण ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण नहीं हुआ. निगम के मुताबिक 2016 में कारोबारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य किया गया. 23815 कारोबारियों ने ट्रेड लाइसेंस लिया. उस समय ट्रेड लाइसेंस की बाध्यता नहीं थी. लेकिन 2018 में सरकार ने ट्रेड लाइसेंस के नवीकरण पर कॉमर्शियल होल्डिंग को अनिवार्य कर दिया है. इसके बाद मामला फंसने लगा. ऐसे मामले झरिया अंचल में सबसे अधिक हैं. यहां ज्यादातर दुकानदारों के पास होल्डिंग नंबर नहीं है. कुछ दुकानें बीसीसीएल क्षेत्र में हैं, तो कुछ भवन के मालिक दुकानदारों को रेंट एग्रीमेंट नहीं दे रहे हैं. झरिया में लगभग पांच हजार ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण नहीं हो रहा है. दूसरी ओर बैंक का भी रेंट एग्रीमेंट के कारण ट्रेड लाइसेंस नहीं हो रहा है. बैंक्वेट हॉल, जिला परिषद, इंश्योरेंस कंपनियों का भी ट्रेड लाइसेंस नहीं बन रहा है.

ट्रेड लाइसेंस क्यों है जरूरी :

ट्रेड लाइसेंस एक दस्तावेज है, जो किसी विशेष व्यापार या व्यवसाय को जारी रखने के लिए प्रमाणित करता है. नगर निगम द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है. ट्रेड लाइसेंस के नवीकरण नहीं होने के कारण पिछले दो सालों से लगभग 50 लाख शुल्क ही नगर निगम को मिला है.

फस्ट क्वार्टर में 552 नया ट्रेड लाइसेंस बना :

ट्रेड लाइसेंस को लेकर नगर निगम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके पास होल्डिंग नंबर है, उसे ट्रेड लाइसेंस बनवाया जा रहा है. चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के फस्ट क्वार्टर में 552 नया ट्रेड लाइसेंस बना है. इसके अलावा 438 ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण किया गया है. फर्स्ट क्वार्टर में नगर निगम को 19 लाख रुपया ट्रेड लाइसेंस शुल्क मिला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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