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पदक व नौकरी की उम्मीद में पसीना बहा रहे युवा

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पदक व नौकरी की उम्मीद में पसीना बहा रहे युवा

देवघर.

कुमैठा स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स में रोजाना दर्जनों युवा-युवतियां पसीना बहाते नजर आ रहे हैं. सभी का अपना-अपना सपना है और अपनी उम्मीदें. यहां मेहनत करने वाले किसी युवा को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए जी-जान लगा रहे हैं तो कुछ खिलाड़ी हैं जिनके लिए मैडल पाना एक बड़ा सपना है. खिलाड़ी अलग-अलग प्रतियोगिताओं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप, व वेकेंसी के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं. मैदान में कुछ खिलाड़ियों का जत्था जहां एथलेटिक्स के अलग-अलग इवेंट के लिए जीत-तोड़ मेहनत कर रहे हैं. कई सारे खिलाड़ी फुटबॉल, वाक्थालॉन (तेज पैदल चाल), हाइजंप, शॉर्ट पुट व डिस्कस थ्रो, 400, 600, 800 मीटर व अन्य रनिंग इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जबकि कुछ कम उम्र के प्रतिभागी हैं, जो एसजीएफआइ में बेहतर प्रदर्शन को लेकर कम उम्र से ही कोच की देखरेख में तैयारी में जुट गये हैं. इनमें सुमित सिंह, साहिल खान, सुमंत राज, अनीश कुमार, अनुपम पंडित, समीर शर्मा,मो.कैफ,कुंदन कुमार,मुस्कान कुमारी,बेबी कुमारी,राधिका कुमारी, चिक्कू, अभय कुमार, अमन कुमार, अमजद अंसारी आदि शामिल हैं.

लड़कों के साथ लड़कियां भी जुटीं सेना व पुलिस की तैयारी में

इन सबके अलावा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के मैदान में कई ऐसे भी खिलाड़ी मेहनत-मशक्कत कर रहे हैं, जिनका लक्ष्य सेना में एसएससी में अवसर ढूंढ़ना है. इनमें कुछ लड़के हैं, जो सुबह- शाम निर्धारित समय के अंदर पांच किमी की दौड़ लगाते हैं. सेना व पुलिस में भर्तीको इच्छुक लड़कियां भी पसीना बहा रहीं हैं. इनमें से कुछ तो एनसीसी की बेसिक ट्रेनिंग भी कर चुकी हैं. मगर, लक्ष्य सेना की वर्दी पहनना व देश की सीमा की रक्षा करना है.

लड़कियों की फुटबॉल टीम भी मैदान कर रही मशक्कत

स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स के मैदान में एथलेटिक्स के अलावा फुटबॉल की दो-दो टीमें जमकर अभ्यास कर रहीं हैं. इनमें से एक टीम लड़कों की है, जो दो अलग-अलग टीमों में विभक्त होकर आपस में प्रतिस्पर्धा कर रही है. वहीं, दूसरी फुटबॉल टीम लड़कियों की है, जो जुलाई माह में संभावित मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल, सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप सहित राज्य में आयोजित होने वाली फुटबॉल की अन्य प्रतियोगिताओं की तैयारी में कोच राहुल राय की अगुवाई में जुटी हुई है. इन खिलाड़ियों में साबरा खातून, छोटी कुमारी, नंदनी कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, रिमझिम रानी, मीनाक्षी कुमारी, वर्षा कुमारी, किरन कुमारी, चांदनी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी आदि शामिल हैं.

क्या कहते हैं खिलाड़ी

जूनियर नेशनल चैंपियनशिप व एसजीएफआई की तैयारी कर रही हूं, जो नवंबर 2024 में आयोजित हो सकता है. इसमें 600 मीटर रन मेरा फेवरिट इवेंट है, जिसके लिए सुबह-शाम दौड़ लगा रही हूं.

राधिका कुमारी. खिलाड़ी.

मैं एनसीसी कैडेट हूं. एनसीसी में बी सर्टिफिकेटधारी हूं. एनसीसी की ट्रेनिंग के दौरान सेना में जाने के लिए इच्छा जागृत हुई और इसे लक्ष्य मानते हुए दौड़ की तैयारी कर रही हूं.

-मुस्कान कुमारी,पुलिस विभाग में लड़कियों के लिए नौकरी पाना थोड़ा आसान है. घर से कोई पुलिस विभाग में नहीं है. आम सहपाठियों से मिले सुझावों को ध्यान में रखकर सुबह-शाम अपनी तैयारी कर रही हूं.

बेबी कुमारी,वैसे तो बीते वर्ष जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भागीदारी किया था. मगर पदक हाथ नहीं लगा था. इस बार पदक जीत कर देवघर जिले का नाम रोशन करने का लक्ष्य है. इसलिए अगले पांच माह की कड़ी मेहनत करनी है.

सुमित सिंह,जूनियर नेशनल चैंपियनशिप व एसजीएफआइ में पदक पाने की आस लिए कुमैठा में पसीना बहा रहा हूं. तैयारी के लिए यहां एक अच्छा माहौल है. बस अपनी मेहनत को अंजाम तक पहुंचाना ही लक्ष्य है.

मो. साहिलएथलेटिक्स के क्षेत्र में कोच की देखरेख में चार-पांच माह से मैदान में आ रहा हूं. फिलहाल एसजीएफआइ में 60 मीटर की दौड़ हमारा लक्ष्य हैं. फिलहाल हम दोनों की शुरुआत है.

– जीतू व समीर, जूनियर एथलीट-सेना में जीडी व एएससी में नौकरी की आस लिये बीते दो साल से मेहनत कर रहा हूं. फिलहाल 24 मिनट में पांच किमी की दौड़ को फोकस कर ट्रैक में दौड़ लगा रहा हूं.

मो. तौफिक

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