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चितरा: सेंदरा के साथ पांच दिवसीय सोहराय पर्व संपन्न

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चितरा: सेंदरा के साथ पांच दिवसीय सोहराय पर्व संपन्न

चितरा. कोलियरी प्रक्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांवों में प्रकृति, कृषि और पशुधन को समर्पित पांच दिवसीय पारंपरिक सोहराय पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया. पर्व के समापन पर गांव-गांव में पूजा-अर्चना, पारंपरिक नृत्य-संगीत और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया. इस दौरान तुलसीडाबर, जमुआ, पलमा, मुर्गाबनी, जमनीटांड़, कपसीओ, बाराटांड़, संथालडीह व बहादुरपुर समेत कई गांवों में सोहराय को लेकर उत्सव का माहौल रहा. इस दौरान घरों की दीवारों को पारंपरिक सोहराय चित्रकला से सजाया गया, जो आदिवासी लोककला की पहचान है. पर्व के विभिन्न दिनों में पशुधन पूजा, पूर्वज स्मरण और गांव की सुख-समृद्धि की कामना की गयी. अंतिम दिन मांदर की थाप पर पारंपरिक गीत-संगीत व नृत्य के साथ पर्व का समापन हुआ. इस संबंध में अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के नेता होपना मरांडी ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी संस्कृति को सहेजने के साथ प्रकृति संरक्षण और सामूहिक जीवन मूल्यों का संदेश देता है. उन्होंने युवा वर्ग को सहेजने की अपील की है. पर्व के अंतिम दिन परंपरा के अनुसार युवाओं ने जंगल में सामूहिक शिकार किया. लौटने पर उनका पारंपरिक स्वागत और सामूहिक भोज का आयोज किया गया. मौके पर पाने हांसदा, वासुदेव हांसदा, अनिकेत हांसदा, प्रेम मरांडी, धनी मरांडी, धर्मेंद्र हांसदा, करण हांसदा, रवि हांसदा, बाबूजन मरांडी, शिवलाल हांसदा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. हाइलार्ट्स : चितरा के आदिवासी बहुल गांवों में वंदना पर्व का आयोजन

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