[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड देवघर पाथरोल शतचंडी महायज्ञ पूर्णाहूति के साथ संपन्न, कोलकाता से आये कलाकारों ने पेश की झांकी

पाथरोल शतचंडी महायज्ञ पूर्णाहूति के साथ संपन्न, कोलकाता से आये कलाकारों ने पेश की झांकी

0
पाथरोल शतचंडी महायज्ञ पूर्णाहूति के साथ संपन्न, कोलकाता से आये कलाकारों ने पेश की झांकी

मधुपुर . पाथरोल मां काली मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीश्री 108 शतचंडी महायज्ञ में सोमवार को वाराणसी से आए यज्ञाचार्य दिलीप पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार पूर्वक यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ को संपन्न कराया. मुख्य यजमान की भूमिका गुड्डू पांडेय व उनकी पत्नी पूनम देवी ने निभायी. विदित हो कि रात्रि में श्रीमद्भागवत कथा, प्रत्येक दिन भंडारा के साथ भव्य मेले का आयोजन किया गया. महायज्ञ को लेकर पूरे गांव में भक्ति व उत्साह का माहौल रहा. श्रीधाम वृंदावन से आये कथा व्यास श्री प्रकाश चंद्र महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन शंबरासुर वध, स्यमन्तक मणि की कथा, श्री कृष्ण अन्यान्य विवाह का वर्णन, रुकमणी कृष्ण संवाद , सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा सुनायी . इसके अलावा कोलकाता से आये भजन सम्राट शुभम भास्कर व उनकी टीम ने आलौकिक झांकी की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को पूरी तरह से मंत्र मुक्त कर दिया. कथा समापन के बाद यज्ञाचार्य व क्षेत्र के जनमानस के साथ आसपास के गांव से आये श्रद्धालुओं ने भी हवन में आहुति डाली. भंडारा लगाकर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे. महायज्ञ को सफल बनाने में कमेटी के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग व युवा सदस्यों समेत ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel