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जयंती पर याद किये गये साहित्यकार उपेंद्रनाथ अश्क

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जयंती पर याद किये गये साहित्यकार उपेंद्रनाथ अश्क

मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में साहित्यकार उपेंद्रनाथ अश्क की जयंती व गीतकार शैलेंद्र की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर दोनों विभूतियों की तस्वीर पर लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. वहीं, धनंजय प्रसाद ने कहा कि उपेंद्रनाथ अश्क बहुमुखी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति थे. उन्होंने प्रेमचंद की प्रेरणा से हिन्दी में लिखना शुरू किया और हिन्दी साहित्य जगत में अपनी पहचान बनायी. उनकी कहानी संग्रह औरत की फितरत की प्रेमचंद ने लिखी थी. वर्ष 1965 में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ नाटककार का सम्मान मिला और सोवियत लैंड सम्मान से सम्मानित हुए. उन्होंने कहा कि गीतकार शैलेंद्र हिन्दी के प्रमुख गीतकारों में से एक थे. उनकी गीतों की गुंज देश ही नहीं विदेशों तक रही थी व आज भी मौजूद है. फिल्म जगत में उनकी गीतों की धूम रही है. उस दौर से आज लोग उनके गीतों के दीवाने हैं. उन्होंने बहुत संघर्ष कर अपना ये मुकाम बनाया, जो आज भी अमिट है. भला ऐसे विभूतियों को कैसे विसराया जा सकता है. उन्हें याद करना लाजिमी है.

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