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मधुपुर की गलियों से निकल कर ग्रुप कैप्टन तक पहुंचे प्रशांत

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मधुपुर की गलियों से निकल कर ग्रुप कैप्टन तक पहुंचे प्रशांत

मधुपुर. शहर के पनाहकोला मोहल्ला निवासी रेलकर्मी स्वर्गीय एएन सिंह के पुत्र प्रशांत नारायण सिंह ने भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन पद तक पहुंचकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा कार्मेल स्कूल, मधुपुर में हुई. इसके बाद उन्होंने एमएलजी उच्च विद्यालय, मधुपुर से दसवीं तथा देवघर कॉलेज से बारहवीं की शिक्षा पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया. छात्र जीवन से ही उनमें देशसेवा की भावना प्रबल थी, जिसके चलते उन्होंने वायुसेना का मार्ग चुना. प्रशांत ने बिना किसी सैन्य पृष्ठभूमि के कठिन परिश्रम के बल पर सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर 1995 में वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया. पायलट अधिकारी के रूप में शुरुआत करते हुए उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर, फ्लाइंग लेफ्टिनेंट, स्क्वाड्रन लीडर और विंग कमांडर के पदों पर सेवाएं दीं और वर्तमान में एयर फोर्स स्टेशन पुणे में ग्रुप कैप्टन के रूप में तैनात हैं. उनका कार्यकाल देश के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रहा है, जिनमें लगभग दो वर्ष लद्दाख के सियाचिन क्षेत्र से जुड़े अत्यंत दुर्गम व संवेदनशील वायुसेना स्टेशन पर सेवा शामिल है. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवा साहस का परिचायक 2014-2015 में वायुसेना प्रमुख से प्रशंसा पत्र मिले भाई हेमंत गर्वित हैं.

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