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विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर अर्पित किये श्रद्धासुमन

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विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर अर्पित किये श्रद्धासुमन

मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में प्रसिद्ध उपन्यासकार डाॅ वृंदावन लाल वर्मा, डाॅ हरगोविंद खुराना व प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जयंती पर उन्हें याद किया गया. लोगों ने तीनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. मौके पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि डा. वृंदावन लाल वर्मा कहानीकार, उपन्यासकार व नाटककार थे. वे अप्रिय व्यक्तित्व के धनी व साहित्य मनीषी थे. वे अत्याचार व अन्याय के घोर विरोधी थे. उन्होंने समाज में व्याप्त अत्याचार व अन्याय विरोध साहित्य सृजन करते रहे. उनकी पहली रचना महात्मा बुद्ध की जीवन चरित्र है. उन्होंने कई महत्वपूर्ण कहानी संग्रह, उपन्यास व नाटकों की रचनाएं की है. उनकी उपन्यास संगम व लगान पर फिल्म बनी और लोकप्रिय रही. उन्हें पद्म विभूषण व सोवियत लैंड सम्मान से सम्मानित किया गया. डाॅ हरगोविंद खुराना ने जेनेटिक इंजीनियरिंग की बुनियाद रखी. उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व व महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके वजह से मानवजाति लाभान्वित है. उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका थी फातिमा शेख. उन्होंने समाज सुधारक ज्योतिबा फुले व सावित्री बाई फुले को प्रथम स्कूल खोलने में सहयोग दी और उनके महिला शिक्षा अभियान में कदमताल करती रही है. समाज व देश के लिए समर्पित ऐसे विभूतियों को भला कैसे भूलाया जा सकता है. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया. हाइलाट्स: डाॅ वृंदावन लाल वर्मा, डाॅ हरगोविंद खुराना व फातिमा शेख जयंती पर किया गया याद

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