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टीबी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण

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टीबी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण

सारठ बाजार. राष्ट्रीय यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सारठ में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संचयन ने स्वास्थ्य कर्मियों को यक्ष्मा रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सौ दिवसीय कार्य योजना तैयार की गयी है. इसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव जाकर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया गया है. यक्ष्मा के लक्षण पाए जाने पर मरीजों की जांच कर समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रखंड में 72 यक्ष्मा मरीज चिन्हित हैं, जिनका नि:शुल्क इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है. इस दौरान बताया गया कि सारठ, चितरा, ठाढ़ी, तुलसीडाबर, पलमा, आसनबनी, ब्रह्मसोली और अंबा नचनिया सहित कुल 95 हाईरिस्क गांवों में 14 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का सहिया के माध्यम से सर्वे कराया जायेगा. सर्वे के बाद लाइन लिस्टिंग तैयार की जायेगी. इसके पश्चात सीएचओ, एएनएम एवं बीटीटी द्वारा माइक्रोप्लानिंग कर सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जायेगी. यक्ष्मा के लक्षण वाले मरीजों की पूरी जांच के बाद समुचित इलाज किया जायेगा. वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, पूर्व टीबी मरीज, टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोग, अत्यधिक कमजोर व कुपोषित बच्चे, मधुमेह के मरीज तथा खांसी व श्वांस से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों की भी विशेष जांच की जाएगी. चिकित्सक ने बताया कि पहले टीबी में केवल फेफड़ों से संबंधित जांच और इलाज किया जाता था, लेकिन अब इसके अलावा गले या पेट में गांठ होने की स्थिति में उस गांठ से पानी निकालकर भी जांच की जायेगी. वहीं, रिपोर्ट आने के बाद मरीज का समुचित इलाज किया जायेगा.

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