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गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं, आवास की आस में आदिवासी परिवार

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गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं, आवास की आस में आदिवासी परिवार

सोनारायठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र की महापुर पंचायत के नान्हीडीह गांव के आदिवासियों की दशा प्रतिनिधि, सोनारायठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र की महापुर पंचायत अंतर्गत नान्हीडीह गांव के आदिवासी लोगों को आज भी बुनियादी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. यहां के आदिवासी परिवार आज भी सरकारी आवास मिलने की आस में टकटकी लगाये हुए हैं. गांव की बहामुनी सोरेन ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खाने का तो पैसा ही नहीं, घर कैसे बनायेंगे. इसी घर में बच्चे के साथ रहते हैं. रोजगार के बारे में बताया कि अभी तो धान की खेती के लिए घर आये हैं, खेती के बाद काम को लेकर बंगाल चले जायेंगे. पश्चिम बंगाल के गोलपुर में ईंट-भट्ठे में मजदूरी करते हैं. उसने कहा कि अगर मनरेगा में काम मिलता तो बाहर नहीं जाना पड़ता. गांव से गोलपुर स्कूल बहुत दूर है, जिस कारण बच्ची मेरे साथ ही रहती है. वह पढ़ाई नहीं करती है. सरकारी राशन भी कभी मिलता है और कभी नहीं. वहीं, आदिवासी टोला के लोगों का घर आज भी मिट्टी व खपरैल का ही है. किसी का पक्का मकान नहीं है. आदिवासी लोग बताते हैं कि मेरे टोले में कोई नहीं आता है. सरकारी आवास के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन अभी तक हमलोगों को सरकारी आवास नहीं मिला है. हमलोग पुराने घर को ही ठीक करके रहते हैं. टोला में जलमीनार है, जिससे कभी पानी आता है तो कभी नहीं. जानकारी हो कि नान्हीडीह गांव के आदिवासी टोला के लोगों को आज भी सरकारी सुविधाएं नसीब नहीं हो रही है. क्या कहते हैं पंचायत सचिव सूची में नाम रहने पर लाभुकों को सरकारी आवास का लाभ दिया जायेगा. पंचायत क्षेत्र के सभी घरों का सर्वें किया जा चुका है. जरूरतमंद लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जायेगा. मृत्युंजय कुमार, पंचायत सचिव, महापुर

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