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Home झारखण्ड देवघर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल बदलाव पर पेश किये गये शोध-पत्र

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल बदलाव पर पेश किये गये शोध-पत्र

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कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल बदलाव पर पेश किये गये शोध-पत्र

वरीय संवाददाता, देवघर . दुर्गा सोरेन विश्वविद्यालय, देवघर में शनिवार को एइएसएसआरए के सहयोग से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन हुआ. उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संत गुप्ता, कुलपति प्रो एमके सिंह, अनुसंधान व विकास निदेशक प्रो देबाशीष सरकार, तिलकामांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रो आशुतोष प्रसाद, एएस कॉलेज देवघर के पूर्व प्राचार्य प्रो एन शर्मा और आरएन टैगोर कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जॉय प्रकाश उपस्थित रहे.

वर्तमान समय में सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व प्रौद्योगिकी के समन्वित अध्ययन की बढ़ी आवश्यकता

संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के समन्वित अध्ययन की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गयी है. उन्होंने कहा कि अंतः विषयक शोध के माध्यम से समाज की जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान खोजा जा सकता है, साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के जरिए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण बतायी.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन व सतत विकास जैसे समसामयिक विषयों पर शोधार्थियों ने पेश किया शोध-पत्र

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आये लगभग 130 प्राध्यापकों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों ने भागीदारी निभायी. इस दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और सतत विकास जैसे समसामयिक विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किये गये. तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया. समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये. आयोजकों ने इसे शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत सफल बताते हुए भविष्य में संयुक्त शोध परियोजनाओं व अकादमिक सहयोग को विस्तार देने की प्रतिबद्धता जतायी.

हाइलाइट्स :

अंतःविषयक शोध को समय की आवश्यकता बताते हुए विशेषज्ञों ने रखे विचारप्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित, भविष्य में संयुक्त शोध परियोजनाओं पर जोर

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