कुर्मी समाज ने कुड़माली भाषा के संरक्षण और संवर्धन का लिया संकल्प

कुड़माली भाषा-संस्कृति संरक्षण को लेकर जिला स्तरीय कार्यक्रम में जुटे समाज के लोग

By SANJAY KUMAR RANA | June 14, 2026 8:32 PM

चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र के बनवारी डंगाल में रविवार को कुर्मी समाज की भाषा, संस्कृति और सामाजिक विरासत के संरक्षण को लेकर जिला स्तरीय कुड़माली भाखिचारि जागरण जड़ूआही कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति पूजन और मशाल जुलूस के साथ हुई. इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संजय पुनरियार और दीपक पुनरियार ने कहा कि किसी भी समाज की असली पहचान उसकी भाषा और संस्कृति होती है. उन्होंने कुड़माली भाषा को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण और इसे नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया. वक्ताओं ने शिक्षा के विस्तार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया. साथ ही कुड़माली भाषा को शैक्षणिक स्तर पर बढ़ावा देने और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत कुड़माली लोकगीत, लोकनृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया. पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा. समापन अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने आपसी एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया. इसके बाद सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया. मौके पर महादेव डुमरियार, पंकज कडुआर, हरिस कडुआर, अरुण कड़ुआर, हराधन डुमरियार, भूदेव चंद्र महतो, हेमंत कुमार महतो, तीरथनाथ महतो, गौतम महतो, राजू महतो, फणिभूषण महतो, जितेन महतो, बकुल महतो, माणिक महतो आदि मौजूद थे. — चितरा कोलियरी के बनवारी डंगाल में कुड़माली भाखिचारि जागरण जड़ूआही कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण पर जोर, कुड़माली कार्यक्रम में गूंजे विचार