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महाभारत प्रसंगों के मंचन से भावविभोर हुए श्रद्धालु

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महाभारत प्रसंगों के मंचन से भावविभोर हुए श्रद्धालु

चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के आठवें दिन बुधवार को यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. वहीं मंगलवार की शाम से लेकर देर रात तक पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा. रात में मुख्य पंडाल में वृंदावन धाम से आयी कृष्ण लीला मंडली ने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों का जीवंत मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कलाकारों ने पितामह भीष्म की युद्ध प्रतिज्ञा, दुर्योधन और अर्जुन का भगवान कृष्ण से युद्ध में सहयोग मांगने पहुंचना, अर्जुन द्वारा कृष्ण को चुनना तथा दुर्योधन द्वारा उनकी सेना का चयन करने जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली चित्रण किया. वहीं भीष्म पितामह द्वारा द्रौपदी को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद देने की लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. इसके बाद देर रात रामकथा वाचिका व्यास सोनम जी ने संगीतमय रामकथा का रसपान कराया. समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मंथन से निकले चौदह रत्नों में अमृत का पान देवताओं ने किया, जबकि विष का पान कर भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा की और देवों के देव महादेव कहलायें. उन्होंने कहा कि भगवान की कथा गंगा के समान पवित्र होती है, जिसके श्रवण से तन और मन दोनों निर्मल हो जाते हैं. व्यास सोनम ने श्रद्धालुओं से भगवान के नाम का निरंतर स्मरण करने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और यह ईश्वर की विशेष कृपा से प्राप्त होता है. भगवान की कथा मनुष्य के जीवन की व्यथाओं को दूर कर उसे आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि भगवान राम का अवतार केवल रावण वध के लिए नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना और मानवता के कल्याण के लिए हुआ था. भगवान को सबसे अधिक प्रेम प्रिय है और सच्चे भाव से अर्पित की गई छोटी-सी भेंट भी उन्हें प्रसन्न कर देती है. कथा के दौरान “जय राधा माधव, जय कुंज बिहारी ” भजन की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए. पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु देर रात तक कथा एवं भजन का आनंद लेते रहे. कार्यक्रम का संचालन राजेश भारद्वाज ने किया. यज्ञ समिति के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा एवं व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे. महाविष्णु यज्ञ को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं. — चितरा के दुखिया बाबा मंदिर परिसर में गूंजा भक्ति का स्वर, कथा-कीर्तन में डूबे श्रद्धालु महाविष्णु यज्ञ में प्रतिदिन उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़, कृष्ण लीला और रामकथा से भक्ति सागर में डूबे श्रद्धालु

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