Deoghar News : केंद्र सरकार के जी राम जी विधेयक के विरोध में झामुमो ने दिया धरना

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी अधिनियम किये जाने के विरोध में शनिवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के निकट धरना दिया. जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस निर्णय को श्रमिकों व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान के खिलाफ बताया.

By FALGUNI MARIK | December 27, 2025 7:28 PM

विधि संवाददाता, देवघर : केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी अधिनियम किये जाने के विरोध में शनिवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के निकट धरना दिया. जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस निर्णय को श्रमिकों व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान के खिलाफ बताया. इसकी अध्यक्षता करते हुए झामुमो जिलाध्यक्ष संजय कुमार शर्मा ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी यानि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया गया है, जो महात्मा गांधी के नाम का अपमान है. साथ ही यह कानून श्रमिकों के हितों के विपरीत है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस विधेयक को वापस नहीं लेती है, चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा. वरीय नेता सुरेश साह ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा नहीं कर रही है और अहित करने वाले विधेयक को लागू किया है. धरना में काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं. इस दौरान कार्यकर्ता तख्तियों के माध्यम से विरोध जता रहे थे. मौके पर श्री सिंह, नंद किशोर दास, विनोद वर्मा, तेजनारायण वर्मा, व्यवसायिक मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्यामाकांत झा, मृत्युंजय प्रसाद राउत, प्रभु हांसदा, अजीत राजहंस, हीरा लाल वर्मा, तेजनारायण वर्मा, साेहराब अंसारी, रजनी सिन्हा, छोटू किस्कू, सुधीर मंडल, जय नारायण मंडल, अवधेश शर्मा आदि मौजूद थे. धरना के बाद राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन समाहरणालय के निकट मुख्य रोड के किनारे धरना देने के बाद पार्टी का शिष्टमंडल उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भेजा. इसमें मुख्य रूप से श्रम विरोधी, अकुशल ग्रामीण मजदूर विरोधी वीबी- जी राम जी कानून को शीघ्र खत्म करने की मांग की गयी. इसके अलावा राष्ट्र व मजदूरों के हित में बनायी गयी केंद्र सरकार की पूर्व की योजना मनरेगा का यथावत रखने की मांग की गयी. ज्ञापन के माध्यम से पुराने अधिनियम की विशेषताओं व वर्तमान अधिनियम की खामियों को भी उजागर किया गया. हाइलाइट्स झामुमो ने की वीबी- जी राम जी अधिनियम को विलोपित करने की मांग राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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