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युवा दिवस के रूप में मनी विवेकानंद की जयंती

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युवा दिवस के रूप में मनी विवेकानंद की जयंती

मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनायी गयी. साथ ही साहित्यकार दूधनाथ सिंह को पुण्यतिथि पर याद किया गया. दोनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया. इस अवसर पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि विवेकानंद की जयंती हम युवा दिवस के रूप में मनाते हैं. उन्होंने कहा कि विवेकानंद अन्याय व अंधविश्वास के विरुद्ध हमेशा खड़ा रहते थे. हर तरह के जुल्म व अत्याचार का खात्मा करना इस युग के युवाओं का नैतिक व सामाजिक कर्तव्य है. स्वामीजी ने कहा था कि भूखों के समक्ष भगवान की बात करना उनका अपमान करना है. आज हमारा देश युवाओं का देश है. इस देश में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है. युवा ही देश के कर्णधार है और इनके दायित्व बढ़े है. समाज और देश की बेहतरी के लिए वैज्ञानिक व तार्किक सोच के साथ जात पात, ऊंच नीच की भावना से ऊपर उठकर जनहित व देशहित में काम करना है. विवेकानंद ने युवाओं को आह्वान कर कहा था कि आगे बढ़ो, आगे बढ़ते ही रहना है, पीछे हटना नहीं है. उन्नति करते ही रहना है, नहीं तो हमारी अवन्नति अपने आप होती है. दूधनाथ सिंह प्रसिद्ध कहानीकार व आलोचक थे. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.

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