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Home झारखण्ड देवघर Deoghar news : जेंडर आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए किशोरियों को आना होगा आगे, संस्थाएं भी निभा रहीं अहम रोल : सीओ

Deoghar news : जेंडर आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए किशोरियों को आना होगा आगे, संस्थाएं भी निभा रहीं अहम रोल : सीओ

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Deoghar news : जेंडर आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए किशोरियों को आना होगा आगे, संस्थाएं भी निभा रहीं अहम रोल : सीओ

मधुपुर . प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बाल विकास परियोजना सभागार में रविवार को आश्रय संस्था के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के छात्राओं के बीच कार्यशाला आयोजित की गयी. जिला स्तरीय जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान के तहत कस्तूरबा स्कूल में सोमवार को कार्यक्रम किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की सचिव दीपा कुमारी ने की. मौके पर सीओ यामुन रविदास ने कहा कि महिलाओं व किशोरियों के अंदर जागरुकता आने से क्षेत्र में कई सारी बदलाव देखने को मिल रहे है. युवतियां रोजगार व शिक्षा प्राप्त कर रही है. हमारी महिलाएं व किशोरियां अगर जेंडर आधारित हिंसा को समझ लेगी. तभी हिंसा खत्म होने शुरूआत हो जायेगी. कहा कि जेंडर आधारित हिंसा महिलाओं के साथ बचपन से ही शुरुआत हो जाती है और हमारे घर समाज में लड़कियों को कम आंका जाता है. उन्होंने कहा कि हमारी बच्चियों जब आगे आयेंगी तो यह बदलाव जरूर आयेगा. यूनिसेफ के जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना एक कड़ी है, जो घरों के अंदर होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं का हिस्सा है. और हम लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं. संस्था की सचिव दीपा कुमारी ने कहा कि भेदभाव, किशोरी महिला ट्रांसजेंडर, यौन कर्मी, विकलांग व्यक्तियों के साथ भी हो रहे है. जबकि उनके साथ खेल में भागीदारी और सम्मान मिलना चाहिए. बाल कल्याण समिति के सदस्य देवेंद्र पांडेय ने कहा कि जेंडर आधारित हिंसा आज भी हावी है और बुरे रूप में भी देखने को मिलता है. एसे में सबको मिलकर आगे आना होगा. हमारा जो मौलिक अधिकार है उसको हर क्षेत्र में प्राप्त हो. मौके पर महिला थाना प्रभारी, मधुपुर महिला पर्यवेक्षिका निवेदिता नटराज, सलवंती हेम्ब्रम, चाइल्ड लाइन के सुजीत, रंजीत, मंजू एक्का, रेखा देवी, दिलीप कुमार यादव आदि मौजूद थे.

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