महिला सशक्तीकरण पर विपक्ष का दोहरा चरित्र उजागर : अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने देवघर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी ‘इंडी गठबंधन’ पर हमला बोला। उनका कहना था कि यह गठबंधन परिवारवाद में लिप्त है और महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी नहीं देता। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर महिला और ओबीसी आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया। अन्नपूर्णा देवी ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए और राज्य सरकार को विफल बताया। प्रेस वार्ता में भाजपा के कई नेता और महिला कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्होंने केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण नीतियों का समर्थन किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को विपक्ष की मानसिकता बताया।

By Sanjeet Mandal | April 20, 2026 10:17 PM

प्रेस कॉन्फ्रेंस. केंद्रीय मंत्री ने भाजपा कार्यालय में विपक्षी ‘इंडी गठबंधन’ पर बोला हमला

संवाददाता, देवघर

देवघर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विपक्षी ‘इंडी गठबंधन’ पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह गठबंधन परिवारवाद में लिप्त दलों का समूह है, जो महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के पक्ष में नहीं है. उनके अनुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध इसी मानसिकता को दर्शाता है.

कांग्रेस और सहयोगी दलों पर आरोप

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का इतिहास महिला आरक्षण और ओबीसी आरक्षण के विरोध से जुड़ा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा अपने परिवार की महिलाओं को ही राजनीति में आगे बढ़ाया, जबकि आम महिलाओं को अवसर नहीं दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों को भी लंबे समय तक लागू नहीं होने दिया गया.

पश्चिम बंगाल का उल्लेख, सुरक्षा पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए वहां महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और राज्य सरकार को पूरी तरह विफल बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और शासन की नाकामी को उजागर करती हैं.

प्रेस वार्ता में मौजूद नेता :

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन रवानी, पूर्व महिला आयोग सदस्य ममता देवी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया, विशाखा सिंह, विजया सिंह, मुकेश पाठक, धनंजय तिवारी, उमाशंकर सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद थीं. सभी ने केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण नीतियों का समर्थन किया.