[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड देवघर घर-घर जाकर सहिया व कर्मी खोजेंगे टीबी मरीज, अभियान को गति देने के लिए बनायी गयी 298 टीमें

घर-घर जाकर सहिया व कर्मी खोजेंगे टीबी मरीज, अभियान को गति देने के लिए बनायी गयी 298 टीमें

0
घर-घर जाकर सहिया व कर्मी खोजेंगे टीबी मरीज, अभियान को गति देने के लिए बनायी गयी 298 टीमें

मधुपुर . अनुमंडलीय अस्पताल सभागार में शुक्रवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुनील मरांडी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एसीएफ के सफल संचालन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, बीटीटी, सहियासाथी व सहिया ने भाग लिया. मौके पर डा. मरांडी ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के लोगों को टीवी बीमारी से मुक्त करने के लिए यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है. क्योंकि यह बीमारी ड्रॉपलेट्स के द्वारा संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को प्रभावित करता है. कहा कि इस कार्यक्रम के तहत कुल 298 टीमें बनायी गयी हैं. प्रत्येक टीम में घर- घर जाकर सहिया यक्ष्मा से जुड़े संदिग्ध रोगी की खोज करेंगे. वहीं प्रतिदिन सहिया व कार्यकर्ता 30 घर का भ्रमण कर टीवी के लक्षण जैसे बुखार, खांसी, दर्द, वजन कम होना आदि लक्षण के बारे में परिवार के सदस्यों को जानकारी देंगे. उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों का बलगम प्राप्त कर अस्पताल में जांच कराना सुनिश्चित करेंगे. अगर किसी मरीज का जांच परिणाम धनात्मक आता है तो उनका संपूर्ण इलाज कराया जायेगा. कहा कि लाभार्थी को प्रत्येक माह खान- पान हेतु 500 रुपये सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है. कहा कि परिवार के सदस्यों को टीवी बीमारी के बारे में जानकारी देना है कि यह बीमारी पूर्णतः ठीक हो सकती है. जागरुकता से ही टीवी का इलाज संभव है. मौके पर उपाधीक्षक डा. इकबाल अंसारी, डा. दिवाकांत, डा. गोपाल, डा. रंजीत, डब्ल्यूएचओ के नीरज कुमार, प्रशांत सौरभ, दामोदर वर्मा, शाकिर आलम, सपन कुमार, तपन कुमार, अजय कुमार दास, संजीव कुमार, प्रतिमा कुमारी, शांति कुमारी समेत शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel