[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड देवघर पारंपरिक तरीके से मनाया गया शब-ए-बारात

पारंपरिक तरीके से मनाया गया शब-ए-बारात

0
पारंपरिक तरीके से मनाया गया शब-ए-बारात

मारगोमुंडा. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शब-ए-बारात परंपरागत तरीके से मनाया गया. शब-ए-बारात की पूरी रात को मुस्लिम धर्मावलंबियों ने इबादत इदगाहों में रातभर जाग कर इबादत की. इस दौरान अकीदतमंद अल्लाह के इबादत में पूरी तरह लगे रहे. साथ ही लोग घरों व मस्जिदों में जरूरत के हिसाब से नमाज अदा किया. वहीं, लोग कुरान शरीफ की तिलावत किया. बताया जाता है कि इस रात की अलग ही अहमियत है. यह रात सभी रातों में बेहतर माना गया है. इस रात को रहमतों व बरकतों वाली रात बताया जाता है. अकीदतमंद इस रात का बेसब्री से इंतजार करते है. इस रात को मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह से अपनी गुनाहों के साथ पूर्वजों के लिए मगफिरत की दुआ करते हैं. सुबह रिश्तेदार की क्रबों के पास जाकर दुआ मांगते हैं न अल्लाह से दुआ करते हैं कि अल्लाह उन्हें जन्नत में आला से आला मकाम अता करें. साथ ही कब्रिस्तान में सोये हुए तमाम मरहूम-मरहूमा, मोमिन-मोमिनात, मुस्लिम-मुस्लिमात के मगफिरत के लिए भी दुआ करते हैं. अपनी गुनाहों की माफी के साथ सच्चे राह पर चलने की दुआ मांगते हैं. इस दौरान विभिन्न मस्जिदों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था. अकीदतमंद रात जाग कर मस्जिदों में इबादत करते ओर मगफिरत की दुआ मांगते हैं. मारगोमुंडा में अकीदतमंदों ने मांगी मगफिरत की दुआ

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel