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Home झारखण्ड देवघर चितरा : लेबर कोड के खिलाफ कर्मियों ने किया प्रदर्शन

चितरा : लेबर कोड के खिलाफ कर्मियों ने किया प्रदर्शन

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चितरा : लेबर कोड के खिलाफ कर्मियों ने किया प्रदर्शन

चितरा, प्रतिनिधि: चितरा कोलियरी के मुख्य वर्कशॉप के पास संयुक्त ट्रेड यूनियन की ओर से बुधवार को चार श्रम संहिताओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान मजदूरों ने काला दिवस के रूप में इसे मनाते हुए केंद्र सरकार से श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की और जमकर नारेबाजी की. इस अवसर पर एटक के राष्ट्रीय परिषद सदस्य पशुपति कोल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम कानून कोड लागू कर दिए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के बावजूद सरकार ने मजदूर प्रतिनिधियों से कोई बातचीत नहीं की. उन्होंने कहा कि आज से यह कानून लागू हो गया है, जिसमें 300 से कम मजदूरों वाले संस्थानों पर यह श्रम कानून लागू नहीं होगा, जो मजदूरों पर सीधा हमला है. उन्होंने मजदूरों से एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया और कहा कि इस लड़ाई में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. आने वाले समय में युवा मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठानी होगी, अन्यथा वे अपने अधिकारों से वंचित रह जायेंगे. पशुपति कोल ने यह भी कहा कि खदानों का निजीकरण किया जा रहा है और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मानदेय तक नहीं दिया जा रहा है. साथ ही सामाजिक सुरक्षा की भी अनदेखी की जा रही है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं. वहीं, मजदूर नेता बलदेव महतो और होपना मरांडी ने भी अपने विचार व्यक्त किए. मौके पर राम मेहरा, डोमन दे, सोना लाल सोरेन, बलराम मंडल, शमशुल मियां, गणपति महतो, राजेन प्रसाद महतो, मेनमन हेंब्रम, मनेश्वर मांझी, राम प्रसाद दास, राजू दास, बालेश्वर मुर्मू, हराधन मरांडी आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : चितरा कोलियरी में गूंजा विरोध : श्रम संहिताओं के खिलाफ काला दिवस, मजदूरों ने बुलंद की आवाज

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