[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड देवघर Deoghar News : कैंसर सर्जरी के बाद पुनर्निर्माण जैसी जटिल परिस्थितियों में प्लास्टिक सर्जन की भूमिका अहम

Deoghar News : कैंसर सर्जरी के बाद पुनर्निर्माण जैसी जटिल परिस्थितियों में प्लास्टिक सर्जन की भूमिका अहम

0
Deoghar News : कैंसर सर्जरी के बाद पुनर्निर्माण जैसी जटिल परिस्थितियों में प्लास्टिक सर्जन की भूमिका अहम

संवाददाता, देवघर : डाबरग्राम स्थित मैहर गार्डेन में चल रहे दो दिवसीय बिहार और झारखंड प्लास्टिक सर्जन एसोसिएशन का 14वां वार्षिक सम्मेलन “बीजपेसिकॉन 2025” रविवार को संपन्न हो गया. इस सम्मेलन में देश भर से आये विशेषज्ञ प्लास्टिक सर्जनों ने हिस्सा लिया तथा आधुनिक सर्जरी तकनीक, पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा, ट्रॉमा मैनेजमेंट, माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी, बर्न रिहैबिलिटेशन और कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किये. वहीं सम्मेलन के विभिन्न सत्रों के दौरान पेपर प्रेजेंटेशन और लाइव डेमो भी दिखाया गया. सम्मेलन में डॉ विजय कुमार ने एचबीओटी के बारे में बताया. साथ ही डॉ प्रिंस गुप्ता ने कैंसर रिकंस्ट्रक्टिव, डॉ शिवम ने ट्रॉमा रिकंस्ट्रक्टिव, स्लीप डिफेक्ट के बारे में डॉ ममता ने अपने अनुभव साझा किये. पीएमसीएच के डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी आज केवल सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंसर सर्जरी के बाद पुनर्निर्माण जैसी जटिल परिस्थितियों में प्लास्टिक सर्जन की भूमिका अहम होती है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सकों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सकेगा. समापन सत्र में आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ एसके गुप्ता और सचिव डॉ प्रणय राज शरण सिन्हा ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन चिकित्सा जगत में ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ-साथ नयी सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं. इसके बाद समापन के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किये गये और अगले वर्ष के सम्मेलन की तैयारियों की दिशा तय की गयी. मौके पर डाॅ जी कार्तिकेयन, डाॅ विजय कुमार, डाॅ सुबोध कुमार सिंह, डाॅ शशांक चट्टर्जी, डॉ अंजना मेहरोत्रा, डाॅ बीणा सिंह, विशिष्ट अतिथि आइएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ डी तिवारी, डॉ विकास, डॉ सेतुबंधु समेत अन्य थे. हाइलाइट्स बर्न रिहैबिलिटेशन से लेकर कैंसर रिकंस्ट्रक्टिव तक पर चर्चा बिहार-झारखंड प्लास्टिक सर्जन एसोसिएशन के 14वें वार्षिक सम्मेलन बीजपेसिकॉन 2025 का समापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel