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पहली कलीसिया की स्थापना को लेकर चर्च में हुई विशेष प्रार्थना सभा

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पहली कलीसिया की स्थापना को लेकर चर्च में हुई विशेष प्रार्थना सभा

मधुपुर. शहर के भेड़वा स्थित पेंटेकोस्टल होलीनेस चर्च में

रविवार को पहली कलीसिया की स्थापना को लेकर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित हुई. इस अवसर पर फादर विश्वनाथ यादव ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह के स्वर्गारोहण के पश्चात 50 दिन बीतने पर यह त्योहार मनाया जाता है. ईस्टर संडे के 50 दिन पवित्र आत्मा धरती पर अग्नि स्वरूप उत्तरा था. आज से 2025 वर्ष पहले कि यह घटना है जो बाइबिल में वर्णित है. यीशु की मृत्यु के 50 दिन बाद उनके स्वर्गारोहण के 10 दिन बाद पवित्र आत्मा का वादा 12 प्रेरितों को दिया गया और फिर कई लोगों ने विश्वास किया. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने कहा वचन तुम्हारे निकट है, तुम्हारे मुंह में और तुम्हारे हृदय में है. क्योंकि यदि तुम अपने मुंह से स्वीकार करते हो कि यीशु प्रभु है और अपने हृदय से विश्वास करते हो कि परमेश्वर ने उसे मरे हुए में से जिलाया है तो तुम्हारा उद्धार होगा. क्योंकि मन से विश्वास किया जाता है और धर्मी ठहराया जाता है. मुंह से अंगीकार किया जाता है और उद्धार पाया जाता है. कहा कि जब पिन्तेकुस्त का दिन आया तो वे सब एक जगह इकट्ठे हुए. अचानक स्वर्ग से एक तेज हवा जैसी आवाज आई. उसने पूरे घर को जहां वे बैठे थे भर दिया और आग की तरह फटी हुई जीभें उन्हें दिखाई दी. उनमें से हर एक पर आकर टिक गयी. वे सब पवित्र आत्मा से भर गए और आत्मा ने उन्हें बोलने की शक्ति दी. यरूशलेम में आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त यहूदी लोग रहते थे. यह शब्द सुनकर भीड़ इकट्ठी हुई और वे चकित हो गये. क्योंकि हर एक को उनकी अपनी ही भाषा में बातें करते हुए सुनाई दे रही थी. वे चकित और अचंभित होकर कहने लगे क्या ये जो बोल रहे हैं वे सब गलीली नहीं है. फिर हम में से हर एक अपनी ही मातृभाषा में क्यों सुन रहा है?. पारथी और मेदी और एलामी और मेसोपोटामिया, यहूदिया और कप्पदूकिया, पुन्तुस और एशिया, फ्रूगिया और पंफूलिया, मिस्र और लीबिया के कुरेने के देश के निवासी और रोम से आए हुए यहूदी और यहूदी धर्म अपनानेवाले, क्रेती व अरब, हम अपनी-अपनी भाषा में उनसे परमेश्वर के बड़े-बड़े कामों की चर्चा सुनते हैं. मौके पर नीतीश कुमार यादव, अविनाश पासवान, सनी शेख, चांदनी यादव, अरुण यादव, डेनियल रिचर्ड, छवि मरांडी, प्रार्थना सोरेन, अनीता सिंह, सूर्यकांत कालिंदी, कौशल्या कुमारी, सोनू दास, निधि, खुशी, ललिता, सविता, विनीता आदि मौजूद थे.

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