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एक मृत व्यक्ति की आंखों से दो लोगों को दी जा सकती है रोशनी

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एक मृत व्यक्ति की आंखों से दो लोगों को दी जा सकती है रोशनी

संवाददाता, देवघर: सदर अस्पताल में 39वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा की शुरुआत शनिवार को की गयी. इसका उद्घाटन राज्य अंधापन नियंत्रण पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार, सिविल सर्जन डॉ रंजन सिन्हा, प्रभारी एसीएमओ डॉ प्रमोद कुमार शर्मा ने किया. कार्यक्रम में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल के नेत्र चिकित्सकों के अलावा सभी सीएचसी के नेत्र सहायक व प्रशिक्षु एएनएम ने हिस्सा लिया. पदाधिकारी डॉ पंकज ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से आठ सितंबर तक मनाया जायेगा. हमारे देश में दृष्टिबाधित लोगों की संख्या काफी है, जिनमें कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ितों की संख्या भी अधिक है. इस पखवाड़ा के दौरान लोग यदि नेत्रदान करते हैं, तो इसमें कम से कम एक तिहाई को कॉर्नियल प्रत्यारोपण से लाभ मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इस पखवाड़ा के दौरान लोगों को नेत्रदान करने को लेकर जागरूक करना है, जो अपने परिवार की सहमति के साथ नेत्रदान कर सके. साथ ही लोगों में फैली भ्रांतियाें को भी दूर करना है. उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत व्यक्ति की मृत्यु के छह घंटे के अंदर उनका नेत्रदान किया जा सकता है तथा एक मृत व्यक्ति की आंखों से दो दृष्टिबाधित लोगों को रोशनी दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति मौत के बाद नेत्रदान कर सकता है. जीवित व्यक्ति निकटतम नेत्र बैंक में नेत्रदान का संकल्प ले सकते हैं. चश्मा पहनने वाले व मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवा चुके व्यक्ति भी नेत्रदान कर सकते हैं. नेत्रदान करने के लिए अपने नजदीकी आई बैंक का नंबर डायल करें. आंखों से कॉर्निया मृत्यु के छह घंटे के अंदर निकाल लिया जाता है. साथ ही कहा कि मृत्यु के बाद रिश्तेदार उस स्थान पर पंखा बंद कर शव के सिर के नीचे तकिया रखें, ताकि कॉर्निया को नुकसान नहीं हो. साथ ही आंखों को गीली रुई या बर्फ से ढंक लें. इसके अलावा भी कई प्रकार की जानकारी दी. मौके पर जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ मनोज गुप्ता, जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय यादव, डॉ इकबाल अंसारी, डीपीएम नीरज भगत, डीपीसी प्रवीण कुमार सिंह समेत अन्य थे. हाइलाट्स 39वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा की शुरुआत

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