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Home Rajya झारखण्ड कोलकर्मियों को 30 लाख तक मिल सकेगा होम लोन एडवांस, लेकिन सेवा शर्त के साथ

कोलकर्मियों को 30 लाख तक मिल सकेगा होम लोन एडवांस, लेकिन सेवा शर्त के साथ

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कोलकर्मियों को 30 लाख तक मिल सकेगा होम लोन एडवांस, लेकिन सेवा शर्त के साथ
कोल इंडिया ने नियमों में बदलाव किया. प्रतीकात्मक फोटो

Coal India Home Loan: कोल इंडिया में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वह यह कि कोल इंडिया लिमिटेड अपने कर्मचारियों को घर बनाने के लिए कम से कम 30 लाख रुपये तक का होम लोन देगी. लेकिन, कंपनी ने इसके लिए कुछ शर्त भी रखी है. शर्त यह है कि कोल इंडिया में कम से कम पांच साल तक सेवा देने के बाद ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा.

कोल इंडिया ने नियमों में किया संशोधन

कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने कर्मियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (एचबीए) के नियमों में अहम संशोधन किया है. नए नियमों के तहत कर्मियों को घर बनाने या खरीदने के लिए अब 30 लाख रुपये तक की अग्रिम राशि मिल सकेगी. कंपनी के उन नियमित कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा, जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष की सेवा (प्रोबेशन अवधि को छोड़कर) पूरी कर ली है. यदि पति और पत्नी दोनों कंपनी में कार्यरत हैं, तो यह एडवांस केवल किसी एक को ही देय होगा. कर्मी को उसके 75 महीनों के वेतन (बेसिक डीए आदि) या 30 लाख रुपये, जो भी कम हो, उतनी राशि दी जाएगी. जिस घर का निर्माण या खरीद की जा रही है, उसका क्षेत्रफल कम से कम 22 वर्ग मीटर होना अनिवार्य है.

55 साल के बाद नहीं मिलेगा होम लोन

कोल इंडिया ने तय किया है कि ऐसे कर्मचारी, जिनकी सेवानिवृत्ति में 60 महीने ( पांच वर्ष ) से कम का समय बचा है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे. अर्थात उम्र सीमा 55 साल से अधिक नहीं होना चाहिए. दूसरे सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से कोल इंडिया में आनेवाले कर्मियों की पिछली लगातार सेवा को भी इस पांच साल की अवधि में गिना जाएगा.

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किन कामों के लिए मिलेगा पैसा

यह एडवांस नए घर के निर्माण, प्लॉट खरीदने, तैयार घर खरीदने या मौजूदा घर के विस्तार के लिए लिया जा सकता है. घर के विस्तार के लिए अधिकतम छह लाख रुपये तक की सीमा तय की गई है. बशर्ते, कर्मी की कम से कम तीन वर्ष की सेवा शेष हो. नियमों के अनुसार, कोई भी कर्मी अपने पूरे सेवाकाल में केवल एक बार ही इस एडवांस का लाभ उठा सकता है. साथ ही, यह लोन अपने किसी ऐसे रिश्तेदार से जमीन या घर खरीदने के लिए नहीं दिया जायेगा, जो उन पर आश्रित हों.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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