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Home झारखण्ड चतरा विद्यार्थी जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर

विद्यार्थी जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर

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विद्यार्थी जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर

पिंटू राणा

मयूरहंड. चेरी गांव में संचालित उत्क्रमित प्लस उवि (सोकी) परिसर में बनाये जाने वाले विद्यालय भवन एकरारनामा की तिथि समाप्त के एक साल बाद भी पूरा नहीं हुआ. विद्यालय का निर्माण कार्य अधूरा है. उक्त विद्यालय का निर्माण कार्य नौ जनवरी 2023 को शुरू हुआ था. नौ जुलाई 2023 तक पूरा कर लेना था. जिसमें आठ वर्ग कक्ष, विद्यालय का चहारदीवारी, प्रयोगशाला, शौचालय, पुराना भवन का मरम्मत, विद्यालय परिसर में पेभर ब्लॉक, डीप बोरिंग समेत अन्य निर्माण कार्य होना था. उक्त भवन का निर्माण दो करोड़ 54 लाख की लागत से कल्पना कंट्रक्शन के संवेदक सुशील पांडेय के द्वारा कराया जा रहा हैं. फिलहाल संवेदक काम छोड़ कर फरार हैं. समय पर भवन का निर्माण कार्य नहीं होने से बच्चे पुराने जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. पढ़ाई के दौरान शिक्षक व बच्चे डरे सहमे रहते हैं. छत का प्लास्टर टूट-टूटकर गिरता रहता हैं. हमेशा बड़ी घटना की आशंका बनी रहती हैं. यहां वर्तमान में मात्र पांच कमरा है. जहां कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं. विद्यालय में 584 विद्यार्थी नामांकित हैं. जबकि शिक्षकों की संख्या 21 है. कमरा की संख्या कम रहने के कारण विद्यालय के शिक्षक एक साथ क्लास नहीं ले पाते हैं. विद्यालय में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण नामांकित विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है. पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को बरामदे में बैठा कर पढ़ाया जाता है.

क्या कहते हैं प्राचार्य

प्राचार्य राजकुमार सिंह ने कहा कि विद्यालय में पर्याप्त जगह नहीं है. जगह के अभाव में विद्यार्थी व शिक्षकों को परेशानी होती है. विद्यालय भवन बनता, तो पर्याप्त जगह मिलती. संसाधन रखने में सहूलियत होती.

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