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Home झारखण्ड चतरा लावालौंग के 16 गांवों में लगे सोलर प्लांट वर्षों से खराब

लावालौंग के 16 गांवों में लगे सोलर प्लांट वर्षों से खराब

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लावालौंग के 16 गांवों में लगे सोलर प्लांट वर्षों से खराब

दीनबंधू/तसलीम, चतरा . लावालौंग प्रखंड का ज्यादातर इलाका वन्य प्राणी अश्रायणी क्षेत्र में आता हैं. इन इलाकों में बिजली ले जाना प्रतिबंध हैं. ऐसे में 10 साल पहले सरकार द्वारा प्रखंड के 16 गांवों में सोलर प्लांट लगा कर घर-घर बिजली पहुंचायी गयी थी. शुरुआती समय में गांव सोलर लाइट से जगमगाता था. एक साल के बाद रोशनी धीमी पड़ गयी. धीरे-धीरे गांवों में पुन: अंधेरा छा गया. सोलर प्लांट जेरेडा द्वारा लगाया गया था. देखरेख के अभाव में प्लांट खराब हो गया. ग्रामीणों द्वारा कंपनी को इसकी सूचना दी गयी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. धीरे-धीरे बैट्री व सोलर पैनल चोरी हो गये. वर्तमान समय में ग्रामीण लालटेन व ढिबरी की रोशनी में रात गुजारने को मजबूर हैं. एक सोलर प्लांट से करीब 25 घर में तीन-तीन बल्ब जलता था, जिसमें बच्चे अच्छे से पढ़ाई करते थे. किसान सिंचाई नहीं कर पाते हैं. बेरोजगार युवक भी रोजगार से नहीं जुड़ पा रहे हैं. वन विभाग द्वारा उक्त गांवों में बिजली ले जाने के लिए एनओसी नहीं दिया जाता है, जिसके कारण बिजली नहीं पहुंच रही हैं.

कहां-कहां लगा था सोलर प्लांट

सिलदाग पंचायत के सोरू, बनवार, हांहे, टेवना, टिकुलिया, मंधनिया पंचायत के मंधनिया, होशिर, हुटरू, बरहेद, हेडुम पंचायत के हेडुम, कल्याणपुर, कोलकोले पंचायत के विशनपुर, लेंबोडीह, भुषाड़, हरहद व रिमी पंचायत के कई गांवों में सोलर प्लांट लगाया गया था.

ग्रामीणों ने कहा

हेड़ुम गांव के कमाख्या सिंह भोगता ने कहा कि 10 साल पहले गांव में सोलर प्लांट लगाया गया था. एक साल तक सोलर प्लांट से बिजली मिली, फिर खराब हो गया. कई बार बनाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बना. इसकी सूचना जेरेडा को दी गयी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. बनवार के मुखिया प्रतिनिधि रंजीत भुइयां ने बताया कि लगे सोलर प्लांट का नामोनिशान नहीं बचा है. मंधनिया के भोला राम ने कहा कि देखरेख के अभाव में सभी सोलर प्लांट खराब हो गये हैं. कुछ ग्रामीण सोलर पैनल को अपने घर लेकर चले गये हैं.

सोलर प्लांट का विरोध

पुन गांवों में सोलर प्लांट लगाये जाने का विरोध कर रहे हैं. चार दिन पहले मंधनिया के ग्रामीणों ने सोलर प्लांट लगाने आये जेरेडा कंपनी के इंजीनियर व कर्मियों का विरोध किया.ग्रामीणों ने सोलर प्लांट नहीं लगाने दिया. उनका कहना था कि सोलर प्लांट से सिर्फ बल्ब जलता है और कोई काम नहीं होता हैं. हमलोगों को बिजली चाहिए.

बीडीओ ने कहा

बीडीओ विपिन कुमार ने कहा कि मंधनिया गांव में पहले जहां सोलर प्लांट लगा था, ग्रामीण वहां दोबारा नहीं लगाने की मांग कर रहे हैं. गांवों में बैठक कर समस्या का समाधान किया जायेगा. साथ ही अन्य गांवों में सोलर प्लांट लगा कर पुन: बिजली बहाल की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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