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महोत्सव में प्रदर्शित होंगे मंदिर के प्राचीन अवशेष

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महोत्सव में प्रदर्शित होंगे मंदिर के प्राचीन अवशेष

: प्रदर्शनी से पर्यटक मंदिर के इतिहास से अवगत हो सकेंगे इटखोरी. तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव में इसबार भी मां भद्रकाली मंदिर परिसर की खुदाई के दौरान मिले प्राचीन कालीन अवशेषों की प्रदर्शनी लगायी जायेगी, जिसे देश-विदेश के पर्यटक इतिहास से अवगत हो सकेंगे. कला संस्कृति विभाग इसकी तैयारी कर रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव व मंदिर को पहचान मिले, इसके लिये जिला प्रशासन आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है. सोशल साइट व सोशल मीडिया के माध्यम से देश विदेश के लोग मां भद्रकाली मंदिर की महत्ता को जान सकेंगे. मां भद्रकाली मंदिर परिसर के अवशेष मोहनजोदड़ो, हड़प्पा व एलोरा की कलाकृतियों से मिलते जुलते है. यहां मिले अवशेष नवीं सदी के हैं, ऐसा इतिहासकार व पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का मानना है. उक्त अवशेषों का प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण विदेशी पर्यटकों का ध्यान इटखोरी के ओर नहीं हो सका है. खुदाई में मिले प्राचीन अवशेष पाल वंश के काल के हैं, जब महेंद्र पाल मगध साम्राज्य के राजा हुआ करते थे, उस समय मगध क्षेत्र बंगाल का हिस्सा था. सभी अवशेष प्राचीन मंदिर के हैं. यहां तीन धर्म हिंदू, बौद्ध व जैन धर्म के देवताओं की प्रतिमाएं हैं. महोत्सव से मिली है पहचान तीन धर्मों के संगम स्थल मां भद्रकाली मंदिर को महोत्सव से एक अलग पहचान मिली है. महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देने आ चुके वॉलीवुड के सिंगर मंदिर की महत्ता से अवगत हो चुके हैं. महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी. हिंदी, भोजपुरी, झारखंडी कलाकार अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं.

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