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Home झारखण्ड चाईबासा Chaibasa News : सारंडा के वन्यप्राणी, जलस्रोत, वन औषधियों को बचाना जरूरी : स्मिता

Chaibasa News : सारंडा के वन्यप्राणी, जलस्रोत, वन औषधियों को बचाना जरूरी : स्मिता

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Chaibasa News : सारंडा के वन्यप्राणी, जलस्रोत, वन औषधियों को बचाना जरूरी : स्मिता

गुवा.असेसमेंट एंड मॉनिटरिंग ऑफ बायोडायवर्सिटी वैल्यू इन सारंडा फाॅरेस्ट डिवीजन पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सिंहभूम) स्मिता पंकज की अध्यक्षता में सामुदायिक भवन मेघाहातुबुरु में हुआ. जिसका नेतृत्व सारंडा वन प्रमंडल के डीएफओ अविरूप सिन्हा ने किया. जानकारी के अनुसार, सारंडा वन प्रमंडल के लगभग 820 वर्ग किलोमीटर में फैले वन में जैव विविधता का आकलन एवं निगरानी के लिए कार्यशाला हुई थी. स्मिता पंकज ने कहा कि सारंडा में वन्यजीव का अध्ययन तकनीकी रूप से करना बहुत दिन से पेंडिंग था. यह बहुत बड़ा चैलेंज था, जिसे डीएफओ अविरुप सिन्हा ने अपने हाथों में लिया है. यह सर्वे 10 वर्षों तक चरणबद्ध चलेगा. उन्होंने कहा सारंडा के लिये यह इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि झारखंड अथवा विश्व में सारंडा जैसा कहीं और ऐसे साल के जंगल नहीं है.

जॉब के लिये खदान व उद्योग भी जरूरी

स्मिता पंकज ने कहा सारंडा में खनन गतिविधियां भी चलती हैं, लेकिन ऐसे खनन गतिविधियों के बीच हमें सारंडा जंगल व जंगल में पाये जाने वाले तमाम प्रकार के वन्यप्राणी व जीव-जन्तुओं, प्राकृतिक जलश्रोतों, वन औषधियों को बचाना बहुत जरूरी है. खनन कंपनियों के लिये भी यह कार्यशाला बहुत महत्वपूर्ण है. जॉब के लिये खदान व उद्योग भी चाहिये. जीने व बेहतर वातावरण के लिये जंगल व वन्यप्राणियों को भी बचाना जरूरी है. सारंडा में जितने वन्यजीव, औषधीय पौधे हैं, उतने झारखंड के किसी और जंगल में नहीं हैं.

वन्यप्राणियों की गणना भारतीय वन्यजीव संस्था कर रही

सारंडा डीएफओ अविरुप सिन्हा ने कहा कि बिना वन्यप्राणियों के सारंडा जंगल की ऐतिहासिक पहचान नहीं बन सकती है. वन्यप्राणियों की गणना भारतीय वन्यजीव संस्था (देहरादून) के माध्यम से की जा रही है. कार्यशाला में वन्यप्राणियों की गणना संबंधित प्लान ऑफ एक्शन, इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण आदि के बारे में जानकारी दी गयी. बिना वनकर्मियों की सक्रियता के बगैर यह रिसर्च कार्य पूर्ण नहीं हो सकता है.

कार्यशाला में रहे मौजूद

शब्बा आलम अंसारी, नीतीश कुमार, रितेश कुमार गौतम, दीपेश कुमार जांगीर, पंकज कुमार सिंह, निवेदिता पटनायक, आरपी सेलबम, मनोज कुमार, संदीप भारद्वाज, ससंग्दा शंकर भगत, परमानन्द रजक, रामनंदन राम, छोटेलाल मिश्रा, बलदेव हेम्ब्रम, सुनील सुंडी, शंकर पांडेय, सुमित कुमार, मोनिका पूर्ति आदि.

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