Bokaro News : परमपुरुष के साथ एकत्व की अनुभूति साधना का लक्ष्य : आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत

Bokaro News : आनंद पूर्णिमा पर तीन दिवसीय धर्म महासम्मेलन का दूसरा दिन

By MANOJ KUMAR | May 24, 2026 12:32 AM

Bokaro News : वरीय संवाददाता, बोकारो. आनंद पूर्णिमा पर आयोजित तीन दिवसीय धर्म महासम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार कोप्रातःकालीन सत्र में आनंद मार्ग प्रचारक संघ के पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने उपस्थित साधकों व भक्तों को संबोधित किया. कहा कि साधना का लक्ष्य केवल दुःखों से मुक्ति नहीं, बल्कि क्लेश, कर्म, विपाक और आशय की सीमाओं का अतिक्रमण कर परमपुरुष के साथ अखंड एकत्व की अनुभूति प्राप्त करना है. उन्होंने ‘ईश्वर और जीव’ विषय की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा : परमपुरुष क्लेश, कर्म, विपाक और आशय से सर्वथा परे हैं. योगदर्शन के सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा : ईश्वर या परमपुरुष वह पुरुषविशेष सत्ता है, जो क्लेश (मानसिक विकार), कर्म (क्रिया), विपाक (कर्मफल) व आशय (संस्कारों के बीज) से कभी प्रभावित नहीं होती. इसके विपरीत संसार का प्रत्येक जीव इन बंधनों के प्रभाव में रहता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लेश वह तत्व है जो मन की स्वाभाविक शांति और संतुलन को भंग कर देता है. जीव-जगत में विभिन्न प्रकार की वृत्तियां कार्य करती हैं, जिनके कारण मनुष्य सुख-दुःख, लाभ-हानि व कर्मफल का अनुभव करता है. उन्होंने चार प्रमुख वृत्तियों का वर्णन किया.

नियमित साधना, सदाचार, सेवा व ईश्वर-प्रणिधान :

पुरोधा प्रमुख ने कहा : प्रथम तीन वृत्तियां जीवों को प्रभावित करती हैं, जबकि अक्लिष्टवृत्ति ही ऐसी अवस्था है, जो साधक को परमपुरुष के निकट ले जाती है. उन्होंने उपस्थित साधकों का आह्वान किया कि वे नियमित साधना, सदाचार, सेवा व ईश्वर-प्रणिधान के माध्यम से अपने जीवन को अक्लिष्टवृत्ति की दिशा में विकसित करें. ऐसा करने से वे कर्मबंधन से मुक्त होकर परमपुरुष की अनंत करुणा, प्रेम और आनंद का अनुभव कर सकेंगे.