Bokaro News : हड़ताल से कोल प्रोडक्शन व डिस्पैच पर पड़ सकता है असर

Bokaro News : संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा ने हड़ताल को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | February 11, 2026 11:34 PM

केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये चार लेबर कोड के विरोध समेत अन्य मुद्दों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा द्वारा 12 फरवरी की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को लेकर पिछले कई माह से की जा रही तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीसीएल के बीएंडके, कथारा व ढोरी एरिया की सभी परियोजनाओं के सभी प्वाइंट के लिए केंद्रीय, क्षेत्रीय व शाखा स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. जरीडीह मोड़ स्थित अब्दुल हमीद चौक को मुख्य आंदोलन स्थल बनाया गया है, यहां सुबह मोर्चा से जुड़े सभी लोग जुटेंगे. मोर्चा के नेताओं का कहना है कि यह हड़ताल मजदूरों के अस्तित्व को बचाने के लिए है. इधर, इस हड़ताल से अलग भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि यह हड़ताल राष्ट्र व उद्योग हित में नहीं है. दूसरी ओर हड़ताल के दिन कोयला उत्पादन व डिस्पैच जारी रखने के लिए सीसीएल ने भी सीआइएसएफ, सीसीएल के सुरक्षा कर्मियों तथा प्रशासन के साथ मिलकर रणनीति बनायी है. मालूम हो कि अभी बीएंडके, ढोरी व कथारा एरिया से लगभग 60 हजार टन कोयला का उत्पादन व डिस्पैच प्रतिदिन हो रहा है. तीनों एरिया का मैन पावर लगभग नौ हजार है.

हड़ताल में शामिल उद्योग और यूनियनें

कोयला, लोहा, बिजली, रेल, सेल, भेल, एलआइसी, जीआइसी, बैंक, डिफेंस, ट्रांसपोर्ट, आंगनबाड़ी, स्कील्ड वर्कर के अलावा राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी. हड़ताल में शामिल यूनियनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू, यूटीयूसी, यूटीयूसी लेनिन सरनी, एआइयूटीयूसी, सेवा, एलपीएफ, स्वतंत्र फेडरेशन आदि हैं. हड़ताल से भारतीय मजदूर संघ और एचएमकेयू अलग हैं.

ये हैं मुख्य मांगें

चार लेबर कोड को निरस्त करने, मनरेगा का नाम नहीं बदलने, इंश्योरेंस कंपनी में सौ फीसदी विदेशी पूंजी पर रोक, बिजली बिल-2025 संशोधन बिल वापस लेने, शीड बिल-2025 संशोधन वापस लेने सहित कोयला उद्योग से जुड़ी कई मांगें शामिल हैं.