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लगातार बारिश से बेरमो में जनजीवन ठप, कोयला उत्पादन प्रभावित

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लगातार बारिश से बेरमो में जनजीवन ठप, कोयला उत्पादन प्रभावित

बेरमो. गुरुवार की देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश शुक्रवार को दिन भर तक जारी रही. इसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है. बाजारों में सुबह से देर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा. सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी कम रहा. कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही. लगातार बारिश के कारण बेरमो के कई स्थान जलमग्न हो गये हैं. जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. नदियों और छोटे-छोटे नाला का जलस्तर बढ़ गया है.

लगातार बारिश का बेरमो कोयलांचल में सीसीएल की कई माइंस से कोयला उत्पादन तथा ओबी निस्तारण पर असर पड़ा है. कोयला डिस्पैच भी प्रभावित हुआ़ शुक्रवार को तीनों एरिया में एक हजार टन से भी कम उत्पादन हुआ. जबकि सामान्य दिनों में 15 हजार टन उत्पादन हो रहा था. बीएंडके एरिया के मेगा प्रोजेक्ट एकेके व कारो में कोयला उत्पादन काफी प्रभावित हुुआ. एकेके से शुक्रवार की शाम तक उत्पादन शून्य था, जबकि कारो परियोजना से पहली शिफ्ट में मात्र 600 टन कोयला उत्पादन हुआ था. कारो माइंस से सटे कारो नाला पर प्रबंधन की ओर से नजर रखा जा रहा है. एकेके व कारो माइंस से सभी मशीनों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. साथ ही माइंस से डी वाटरिंग पंप को भी हटा कर सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है. कारो के पीओ एसके झा के अनुसार पांच हजार टन की जगह आज मुश्किल से 600 टन उत्पादन हुआ. एकेके पीओ केएस गेवाल ने कहा कि एकेके का उत्पादन ऐसे भी माॅनसून में कम हो रहा था, शुक्रवार को उत्पादन शून्य रहा. इधर, बोकारो कोलियरी में फिलहाल कोयला एक्सपोज नहीं है, यहां सिर्फ ओबी रिमूवल का काम चल रहा हो जो बारिश के कारण प्रभावित हुआ.

कथारा एरिया के जीएम संजय कुमार के अनुसार रोजाना पांच हजार टन कोयला उत्पादन हो रहा था, लेकिन शुक्रवार को उत्पादन शून्य रहा. शुक्रवार शाम तक तक स्वांग-गोविंदपुर परियोजना में 76 एमएम, जारंगडीह परियोजना में 46 एमएम तथा कथारा कोलियरी में 47 एमएम बारिश हुई. स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के मोटिंको नाला पर विशेष नजर रखी जा रही है. एहतियात के तौर पर सभी माइंसों में मशीन व डी वाटरिंग पंप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. प्रतिदिन चार से पांच हजार टन उत्पादन करने वाले ढोरी एरिया में शुक्रवार की शाम तक उत्पादन शून्य रहा. एसडीओसीएम से रोजाना ढाई हजार टन उत्पादन हो रहा था, लेकिन आज मात्र 200 टन ही हो सका. एएओडीसीएम से भी रोजाना ढाई हजार टन कोयला उत्पादन हो रहा था, लेकिन आज मात्र 400-500 टन ही हो सका. एरिया जीएम रंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज कितना उत्पादन प्रभावित हुआ है, अभी नहीं बता सकते हैं.

चंद्रपुरा.

चंद्रपुरा क्षेत्र में भी कई जगहों पर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गयी. स्टेशन रोड इलाके में जलजमाव से आवागमन में लोगों को परेशानी हुई. इधर, अच्छी बारिश से किसानों में खुशी है. धान की खेती के लिए यह बारिश उपयोगी है.

बाटा गली के कई घरों में घुसा पानी

फुसरो. फुसरो स्टेशन रोड, बस स्टैंड, सब्जी मार्केट, अनुमंडल अस्पताल बेरमो, हिंदुस्तान पुल के पास समेत कई कालॉनियों में जलजमाव हो गया. बाटागली में पूर्व वार्ड पार्षद भरत वर्मा, विनोद रजक, मो नौशाद, राधेश्याम, मो फारूक, मो कमाल, राजू रजक, नईमुद्दीन अंसारी आदि के घरों में बारिश का पानी घुस गया. इससे कई सामान बर्बाद हो गये. दशरथ वर्मा, संतोष साव, शादाब आलम ने कहा कि कई साल से मूसलाधार बारिश होने पर इस कॉलोनी के लोग यह दुर्दशा झेल रहे हैं. फुसरो नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया जाता है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जायेगी. लेकिन होता कुछ नहीं. रामजी वर्मा, मो बुल्लू ने कहा कि नगर प्रशासन की ओर से नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण एक बड़ी आबादी त्रस्त है. यहां बड़ा नाला का निर्माण नहीं होने के कारण नालियों के पानी की निकासी सही तौर पर नहीं हो पाती है. मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिर गये. फुसरो- चार नंबर हीरक रोड में एक विशाल पेड़ बिजली तार को तोड़ते हुए गिर गया. इसके कारण यातायात बाधित हो गयी. बाद में स्थानीय लोगों ने पेड़ को काट कर हटाया. ढोरी स्टाफ क्वार्टर के पीछे ढोरी ग्राउंड भी पानी से लबालब भर गया.

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