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Home झारखण्ड बोकारो कसमार पुलिस ने पाेंडा गांव से गायब हुए बच्चों को अभिभावकों को सौंपा

कसमार पुलिस ने पाेंडा गांव से गायब हुए बच्चों को अभिभावकों को सौंपा

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कसमार पुलिस ने पाेंडा गांव से गायब हुए बच्चों को अभिभावकों को सौंपा

कसमार. कसमार थाना क्षेत्र के पोंडा गांव से 13 जून की सुबह से अचानक गायब हुए चारों आदिवासी बच्चों के बरामद होने के बाद सोमवार को कसमार पुलिस ने उन्हें सकुशल परिजनों को सौंप दिया. पुलिस व परिजनों के संयुक्त सहयोग से बच्चों को रविवार को बरामद करने में सफलता मिली है. कसमार थाना प्रभारी भजनलाल महतो ने इस घटना में किसी तरह की बाल तस्करी या अन्य किसी तरह की घटना से इंकार किया है. थाना प्रभारी ने बच्चों को सौंपते हुए अभिभावकों को सही तरीके से रखने की सलाह दी. इधर, बच्चों ने दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कही है. मौके पर अभिभावकों के अलावा पोंडा मुखिया हारू रजवार भी मौजूद थे.

पैसों की लालच में घर से निकले थे बच्चे

पूछताछ में बच्चों ने पुलिस को बताया है कि 14 जून को कमलापुर के मेन रोड किनारे स्थित एक दुकानदार ने अपनी दुकान व आसपास के घास-फूस की साफ-सफाई करने के लिए बुलाया था. इसके बाद चारों पैसे की लालच में घास छिलने अपने-अपने घरों से चोरी-चुपके कुदाल लेकर निकले थे. इसी बीच खांजो नदी में स्नान करने के बाद निखिल सोरेन ने बताया कि गोमिया के काशीटांड़ में उनका एक रिश्तेदार (मौसा) रहते हैं. इस पर सभी बच्चे पैदल ही उसके मौसा के घर काशीटांड़ पहुंच गये. इस बीच जब बच्चों के गायब होने की जानकारी निखिल के मौसा को मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से मिली, तो उन्होंने बच्चों के परिजनों को फोन कर इसकी सूचना दे दी. बच्चों को जब इसकी भनक लगी तो माता-पिता की डांट की डर से काशीटांड़ से भागकर डुमरी विहार स्टेशन पहुंच गए. चूंकि घर से भागे दो दिन बीत गये थे, इसलिए जब डुमरी विहार में बच्चों ने परिजनों को देख लिया, तो डांट की डर से वहां से जंगल की ओर भाग गये. इस दौरान सिर्फ शशिकांत हांसदा को पकड़ने में परिजनों को सफलता मिली. जहां-तहां किसी तरह रात बिताने के बाद जब 16 जून की दोपहर पुनः डुमरी विहार स्टेशन पहुंचे तो सभी बच्चों को परिजनों ने पकड़ लिया. इस बीच स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी खोजबीन में काफी मदद की.

चार दिनों तक परेशान रहे अभिभावक व पुलिस

बच्चों के रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने से उसके अभिभावक एवं कसमार पुलिस करीब चार दिनों तक परेशान रही. गुरुवार और शुक्रवार को अपने स्तर से काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चों का कहीं से कोई सुराग नहीं मिला तब जाकर शुक्रवार की शाम को परिजनों ने इसकी लिखित सूचना कसमार पुलिस को दी थी. एक साथ चार बच्चों के गायब होने से कसमार पुलिस की भी चिंता बढ़ गयी थी. पुलिस ने बच्चों की खोजबीन के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू की. वहीं, अभिभावकों ने भी अपने स्तर से लगातार खोजबीन जारी रखी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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