[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड बोकारो पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार

पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार

0
पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार

चैती छठ पर श्रद्धालुओं ने दिया डूबते सूर्य को अर्घ्य, दर्जनों श्रद्धालु दंडवत करते पहुंचे छठ घाट वरीय संवाददाता, बोकारो ‘पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार…करिहा क्षमा छठी मईया भूल-चूक गलती हमार…जैसे परंपरागत गीतों के साथ छठ व्रतियों ने रविवार की शाम डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया. कई छठ व्रती दंडवत करते घाट पहुंचे. भगवान सूर्य का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. छठ गीतों से घाट गूंजता रहा. सोमवार की सुबह व्रती उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे. इसके साथ ही लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ संपन्न हो जायेगा. रविवार को दिन में तीन बजे के बाद से व्रती परिवार सदस्यों के साथ घाट के लिए घरों से छठ गीत गाते हुए निकलने लगीं.चार बजते-बजते घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. अर्घ्य से पहले व्रती महिलाओं ने सूर्य का पूजन-अर्चन किया. सूर्यास्त से पहले ही व्रती पानी में जाकर खड़ी हो गईं. पानी में कुछ देर खड़े होने के बाद सूर्यास्त होने के दौरान व्रती व परिवार के लोगों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया. एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर छठ पर्व की बधाइयां दी चैती छठ पर्व का दूसरा अर्घ्य सोमवार की सुबह उदयीमान सूर्य को दिया जायेगा. छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में श्रद्धा व विवश्वास के साथ उत्साह दिखा. कई छठ व्रती परंपरागत तरीके से दंडवत करते हुए छठ घाट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया. डूबते सूरज को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर छठ पर्व की बधाइयां दीं. यह सिलसिला देर तक चला. जिन घरों में मनौती मांगी गयी थी, वहां कोसी भरा गया छठ घाट से लौटने के बाद जिन घरों में मनौती मांगी गयी थी, वहां कोसी भरा गया. कोसी गीत गाया गया. छठ और कोसी के गीतों से बोकारो गूंज उठा. नवरात्र के बीच में आने वाले चैती छठ में भी श्रद्धालुओं की पूरी श्रद्धा नजर आयी. सिटी पार्क, टू-टैंक गार्डेन, सूर्य सरोवर, जगन्नाथ मंदिर, कुलिंग पौंड, गरगा डैम, गरगा नदी सहित अन्य स्थानों पर बने घाट पर श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया. इसके पहले शनिवार को खरना के बाद से ही चैती छठ पूजा की तैयारी घरों में शुरू कर दी गयी थी. उल्लेखनीय है कि हिन्दू धर्म में छठ एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसमें उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है. चैती छठ के व्रतियों ने दिया अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ पेटरवार में भी छठ पूजा की धूम पेटरवार. पेटरवार व आस -पास के क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ के व्रतियों ने कड़ी उपासना कर रविवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य दिया. पेटरवार के कुंजिया तालाब, रामधनी तालाब सहित अन्य जलाशयों पर आस्था व भक्ति के साथ आराधना कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया गया.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel