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जल दिवस के अवसर पर सोमवार को हैंसाबातु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर-चास में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
डीसी अजय नाथ झा व डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने उद्घाटन किया.डीसी ने लोगों से दैनिक जीवन में
जल का दुरुपयोग नहीं करने की अपील की. कहा कि यहजल संरक्षण के जिम्मेदारी को समझने का अवसर है.
जल ही जीवन का आधार है. इसके एक-एक बूंद का संरक्षण आवश्यक है. पानी के सभी स्रोतों को बचायें. गांव का पानी गांव में रहे, इसके लिए सभी घरों में पानी का सोक पिट बनाना चाहिए. बढ़ती जनसंख्या व बदलते पर्यावरणीय हालात के बीचजल संसाधनों का संरक्षण जरूरी हो गया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला में संचालित सभी जलापूर्ति योजनाओं का नियमित निरीक्षण हो. डीडीसी ने कहा कि
जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना आवश्यक है. वर्षाजल संचयन को बढ़ावा देना चाहिए. आने वाली पीढ़ियों के लिए
जल सुरक्षित रखने का संकल्प लें.साझा किये गये अनुभव
मौके पर माराफारी पंचायत की जलसहिया पूनम देवी व घोड़ावाली दक्षिणी पंचायत की जलसहिया सीटू देवी ने जलापूर्ति योजना के संचालन व रखरखाव से संबंधित अनुभवसाझा किये. राष्ट्रपति से सम्मानित स्वांग दक्षिणी की मुखिया रीना सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन व
जल जीवन मिशन के तहत किये गये कार्य व अनुभव के बारे में बताया.इन्हें किया गया सम्मानित
जल जीवन मिशन के तहत बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया गया. इसमें एसडीएम तेनुघाट, कार्यपालक अभियंता चास रामप्रवेश राम, यूनिसेफ सहयोगी वाश टीम के जिला समन्वयक घनश्याम साह, अमित कुमार, अनुरोध कुमार अग्रवाल,जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक मोहन कुमार व मुखिया रीना देवी, ग्रामीण जलापूर्ति योजना के स्ट्रक्चर खड़ा करने वाली एजेंसी के डायरेक्टर चंदन सिंह शामिल हैं.
जल संरक्षण की शपथ दिलायी