का दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी महावीर मोदी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ पैरा ओलंपिक क्रिकेट खेल में अपनी पहचान बनायी है.
अपनी साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत कड़ी के बदौलत नाम रौशन किया है. उन्होंने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा से एक-एक मुकाम हासिल किया है. उन्होंने दिव्यांग जनों को नई पहचान दी है और उनके जीवन को जीने का नया नजरिया दिया है. 40 वर्षीय महावीर चंदनकियारी
प्रखंड के खेड़ाबेड़ा पंचायत अंतर्गत रोहनिगढ़ा गांव में रहते हैं.वह बचपन से ही एक पैर दिव्यांग है. क्रिकेट टीम में वे एक अच्छे बल्लेबाज एवं विकेटकीपर के रूप में जाने जाते हैं.
महाबीर ने झारखंड समेत कई अन्य राज्यों में राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंटों में भाग लिया और कई बार टीम का नेतृत्व भी किया. उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया.
महाबीर मोदी कहते हैं कि वह लगातार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किया मगर सफलता नही मिली. इस स्थिति में घर परिवार चलाने के लिए खेती ही रोजगार का सहारा है.
इन प्रतियोगिताओं में लिया भाग
2004, 2009 में ईस्ट जोन दिव्यांग क्रिकेट इम्फाल मणिपुर
2006 एवं 2009 में ईस्ट जोन दिव्यांग क्रिकेट कोलकाता एवं भिलाई
2007 में दिव्यांग क्रिकेट दिल्ली में रेस्ट ऑफ इंडिया, 2007 में दिव्यांग क्रिकेट नेशनल दिल्ली
2007 में ईस्ट जोन दिव्यांग क्रिकेट रांची झारखंड समेत छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश.
2011 में ईस्ट जोन दिव्यांग क्रिकेट
गया बिहार. 2012 में नेशनल दिव्यांग क्रिकेट लखनऊ.
2013 में रांची, 2015 में लखनऊ, 2016 में मेरठ, 2016, 2017,
में रांची राज्य चैंपियनशिप, 2018 राज्य चैंपियनशिप महाराष्ट्र, 2018 में आईपीपीएल कानपुर, 2018 में नेशनल गेम अजमेर राजस्थान, 2019 राज्य चैंपियनशिप रामगढ़ झारखंड, 2019 में जिला चैंपियनशिप बोकारो, 2021 में नेशनल जेम दिल्ली, 2023 में नेशनल गेम उदयपुर राजस्थान, 2024 में नेशनल जेम ग्वालियर में खेल चुका है.