जब तक डाउट क्लीयर नहीं होता था, तब तक आगे नहीं बढ़ता था : शुभम

चिन्मय विद्यालय बोकारो के शुभम आनंद का नीट-2024 में एआईआर रहा 617

By Prabhat Khabar News Desk | June 14, 2024 12:41 AM

सुनील तिवारी, बोकारो.

बचपन से देश का प्रसिद्ध डॉक्टर बनने का सपना देख रहा हूं. अब सपना साकार हाेता नजर आ रहा है. डॉक्टर को भगवान को दूसरा रूप माना जाता है. ये बातें चिन्मय विद्यालय बोकाराे के छात्र शुभम आनंद ने गुरुवार को प्रभात खबर से बातचीत के दाैरान कही. शुभम ने नीट-2024 में 720 में कुल 710 अंक प्राप्त किया है. उसे फिजिक्स में 180 में 180, कैमेस्ट्री में 180 में 175 व बायोलॉजी में 360 में 355 अंक मिले हैं. नीट-2024 में शुभम का ऑल इंडिया रैंक 617 रहा. यहां उल्लेखनीय है कि शुभम ने जेइइ मेंस-2024 में भी 99.68 परसेंटाइल प्राप्त किया है. दसवीं में शुभम को 98.2 व बारहवीं में 95 प्रतिशत अंक मिला.

अगर किसी दिन पढ़ाई नहीं हो पाती थी, तो अगले दिन करता था मेकअप :

शुभम ने नीट-2024 में असफल स्टूडेंट्स को अपने संदेश में कहा : हिम्मत न हारे…भगवान ने आपके लिए कुछ और भी बेहतर सोचा होगा. इसलिए निराश होने की जरूरत नहीं है. कहा : प्रतिदिन प्लान बनाकर पढ़ता था. एनसीइआरटी पर विशेष रूप से फोकस किया. साथ हीं, क्लासरूम की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान देता था. जब तक डाउट क्लीयर नहीं होता था, तब तक आगे नहीं बढ़ता था. हर दिन दस से बारह घंटे पढ़ता था. अगर किसी दिन पढ़ाई नहीं हो पाती थी, तो अगले दिन उसको मेकअप करता था.

स्कूल ने बेसिक को स्ट्रांग बनाया :

शुभम ने बताया : चिन्मय विद्यालय में कक्षा फोर में नामांकन लिया था. क्लास फोर से लेकर दसवीं तक में स्कूल ने बेसिक को स्ट्रांग बना दिया. क्लास ग्यारहवीं व बारहवीं में स्कूल के टीचर का साथ हर कदम पर मिला. जरूरत के अनुसार किताबें भी स्कूल प्राचार्य सूरज शर्मा, स्कूल सचिव महेश त्रिपाठी व अन्य शिक्षकों की ओर से उपलब्ध कराया गया. स्कूल का माहौल कंपीटीशन वाला है, इसका लाभ मिला. वैष्ण्वी कॉम्प्लेक्स -चीरा चास निवासी शुभम के पिता हरेराम सिंह एसबीआइ-बेगूसराय-बिहार में चीफ मैनेजर व मां सुषमा सिंधु गृहिणी हैं.

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