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Home झारखण्ड बोकारो एफएसएसएम प्रथा में सुधार के लिए समझ और सहयोग बढ़ाने की जरूरत

एफएसएसएम प्रथा में सुधार के लिए समझ और सहयोग बढ़ाने की जरूरत

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एफएसएसएम प्रथा में सुधार के लिए समझ और सहयोग बढ़ाने की जरूरत

बोकारो.

उप विकास आयुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में मल, कीचड़ और सेप्टेज प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई. कार्यशाला में यूनिसेफ के राज्य सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत एक तकनीकी सत्र शामिल था, जिन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से जानकारी दी गई. इंटरैक्टिव सत्र हुआ, जिसमें मल, कीचड़ के प्रबंधन में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया. यूनिसेफ राज्य सलाहकार ने बताया : मल कीचड़ प्रबंधन के लिए सुरक्षित व स्वच्छ सैप्टिक टैंक और गड्ढे वाले शौचालय को खाली करने की सेवाओं के साथ-साथ ठोस व तरल पदार्थों के प्रभावी उपचार व उपचारित उत्पादों के पुनः उपयोग की आवश्यकता होती है. कार्यक्रम में समन्वय प्रयासों के महत्व पर जोर दिया गया. पूरे क्षेत्र में एफएसएसएम प्रथाओं में सुधार के लिए समझ और सहयोग को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया. कार्यशाला में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग चास रामप्रवेश राम, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग तेनुघाट शशि शेखर सिंह, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, नगर निगम चास व नगर परिषद फुसरो के प्रबंधक, प्रखंड समन्वयक सहित प्रमुख हितधारकों की भागीदारी रही. कार्यशाला में आइडीएफ और आइएसए की टीमें के सदस्य उपस्थित थे.

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